लखनऊ में तैनात आईएफएस अधिकारी अभिनंदन कुमार जैन की लग्जरी कार बुधवार तड़के पांच बजे हाईवे पर स्वागत ढाबे के सामने टैंकर की टक्कर से बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। इस हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि उनका अर्दली और ड्राइवर घायल हो गए।
ड्राइवर ने टैंकर चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने टैंकर को कब्जे में लेने के साथ ही उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। जैन मूल रूप से आगरा के रहने वाले थे। उनकी मां आगरा में रहती हैं। जैन का पिछले महीने ही वन निगम, इलाहाबाद से जाइका के चीफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर के पद पर लखनऊ तबादला हुआ था। भाई विवेक जैन ने हादसे पर संदेह जताते हुए हत्या की आशंका जाहिर की है।
मालूम हो कि जून 2017 में आगरा के मुख्य वन संरक्षक रहते हुए एके जैन ने प्रमुख सचिव वन संजीव सरन पर कई गंभीर आरोप लगाकर शासन में हड़कंप मचा दिया था। जैन ने आरोप लगाया था कि सरकार को 4721 करोड़ का नुकसान पहुंचाने और एफआईआर दर्ज होने पर भी सरन को अपर मुख्य सचिव बना दिया गया। जैन ने सरन पर नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपये बदलवाने और विदेश में होटल होने के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही सरन महत्वपूर्ण विभाग से हटा दिए गए। सोनभद्र में हजारों करोड़ रुपये की वन भूमि घोटाले का खुलासा भी जैन ने किया था।
अभिनंदन कुमार जैन मंगलवार रात 12 बजे ग्रेटर नोएडा से लखनऊ कार से चले थे। कार को दादरी निवासी चालक नाजिम चला रहा था। जैन को बरेली में अर्दली संदीप कुमार को लेना था, लिहाजा वह बरेली से संदीप को लेकर लखनऊ के लिए चल दिए। कार बुधवार तड़के करीब पांच बजे जैसे ही स्वागत ढाबे के पास पहुंची, तभी कार के सामने चल रहे गैस भरे कैप्सूल टैंकर से कार का बायां हिस्सा टकरा गया और कार बेकाबू होकर दूसरी दिशा में मुड़कर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। कार में सवार सभी लोग घायल हो गए।
मामूली रूप से घायल ड्राइवर नाजिम ने जैन और अर्दली को पहले शहर के एक निजी अस्पताल पहुंचाया लेकिन वहां जैन को भर्ती करने से मना कर दिया गया, जबकि अर्दली का इलाज शुरू कर दिया गया। इसके बाद नाजिम ने स्थानीय वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही जैन को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर उनके भाई विवेक जैन आगरा से और बेटी पूजा ग्रेटर नोएडा से भी आ गईं।