पकड़े गए अंतरराज्यीय संगठित एटीएम लुटेरा गिरोह के सदस्यों से पूछताछ और अन्य प्रांतों की पुलिस से मिले ब्योरे के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य पंजाबी मूल के हैं। ये घुमंतू मिजाज में शिकार पर रात को लग्जरी वाहन में निकलते हैं, जिसमें गैस सिलेंडर से लेकर फर्जी नंबर प्लेटें और खाना पकाने के सारे सामान तक पूरी तरह व्यवस्थित रखे होते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद सुरक्षित ठिकानों पर निकल भागते हैं। आधी रात से लेकर पौ फटने के बीच ही ये घटना को अंजाम देते हैं और उससे पहले मौके की रेकी करते हैं। रोजा के जमुका में इंडिया नंबर वन वाले एटीएम पर बीते करीब एक हफ्ते से इनके द्वारा कई बार रेकी की गई।
इस गिरोह में सदस्यों की संख्या 16 तक होने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। पूछताछ में गिरफ्तार जगतार और सतनाम ने पुलिस को बताया कि शहरी क्षेत्र में ये झांकते तक नहीं क्योंकि वहां ट्रैफिक जाम से लेकर पुलिस पेट्रोलिंग के चलते वारदात में खलल पडने और पकड़े जाने का खतरा ज्यादा होता है। गैस कटर इनका मुख्य औजार है और इसमें कैश बाक्स या तिजोरी आदि को काटने में इन्हें कोई खास मशक्कत नहीं करनी होती। जिस प्रांत या जनपद में वारदात को अंजाम देना होता है, वहीं का ये अपने वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते हैं और वारदात के बाद उसे बदल देते हैं। गिरोह के सभी सदस्य अच्छी कद-काठी वाले हैं और एक घटना के बाद उस इलाके से काफी दूर निकल जाते हैं और अगले कुछ माह तक पुराने इलाके में दोबारा नहीं जाते। मौके पर सीओ सदर अनुराग दर्शन और डॉग स्क्वायड के साथ फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीमों को लेकर पहुंचे एसपी बबलू कुमार मौके की हर कोण से बारीक जानकारी जुटाई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार दोनों लुुटेरों ने कुछ संदिग्ध लोगों, स्थानों और अंजाम दी गई घटनाओं की जानकारी दी है जिसके संबंध में अलग-अलग टीमें गठित कर तफ्तीश को रवाना कर दी गई हैं। प्रदेश अथवा उत्तर भारत में सर्राफों की दुकानों की बड़ी चोरियां या एटीएम के कैश बाक्स की अन्य घटनाओं के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
आग की सूचना पर पहुंची पुलिस तो माजरा लूट का निकला
रोजा। बुधवार की भोर जब बदमाशों ने रोजा थाना क्षेत्र के जमुका दोराहे स्थित जिस मकान में इंडिया नंबर वन का एटीएम का कैश बाक्स लुटेरे गैस कटर से काट रहे थे उसके मालिक ने पुलिस कंट्रोल रूम में पहले आग लगने की सूचना दी थी। उस पर सिटी कंट्रोल ने हाईवे पर गश्त कर रहे रोजा पुलिस के सिपाहियों को मौके पर पहुंचने को कहा।इस मैसेज पर करीब दस मिनट में गश्ती दल मौके पर पहुंचा तो वहां पूरा माजरा ही दूसरा निकला। पुलिस वालों ने घेराबंदी शुरू की तो मकान मालिक ने शोर मचाते हुए ग्रामीणों को बुला लिया तो खुद को घिरता देख कैश बाक्स टाटा सफारी में लादकर लुटेरे भगने लगे। मौके पर गश्ती दल के चालक ने तत्काल वायरलैस से सूचना की तो गुर्री पर तैनात जवान और प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी ने सतर्क हुए एवं बदमाशों की लोकेशन लेकर पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने बरतारा गांव से सरैया गांव के जाने वाले रास्ते पर अपनी कार मोड़ दी। क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी शातिरों की घेराबंदी में पुलिस का सहयोग किया। चारों तरफ से घिरने ग्राम सिमरई के आगे सरैया आबाद गांव के पास खेत के किनारे मुठभेड़ हुई। शातिरों ने फायरिंग झोंकी और उसी क्रम में तीन भाग निकले लेकिन दो धर दबोचे गए। फिर इस मामले में इंडिया नंबर एक के जिला प्रबंधक रामेंद्र कुमार की ओर से अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट के प्रयास का मामला दर्ज कराने के साथ ही विवेचना शुरू कर दी गई।
मकान मालिक को सम्मानित करेगी पुलिस
रोजा। एटीएम लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़वाने के सूत्रधार रहे मकान मालिक मो. खालिद को शाहजहांपुर पुलिस सम्मानित करेगी। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि इनकी जागरूकता से समय पर सूचना पाकर पुलिस बल तत्परता से कार्रवाई कर सकी। मुठभेड़ में फरार हुए तीनों बदमाश एटीएम रूम में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में मिल गए हैं।
राम भरोसे है इंडिया नंबर एक के एटीएम रूम
बिना सुरक्षा गार्डों के चल रहे एटीएम रूम एक बार फिर असुरक्षित हो गए हैं। इंडिया नंबर एक के किसी भी एटीएम रूम पर कहीं कोई सुरक्षा गार्ड नहीं होता है। यह एटीएम रूम राउंड दि क्लाक सर्विस देते हैं। ऐसे में बदमाशों द्वारा इनकी रेकी कर आए दिन घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। इंडिया नंबर एक के जिला प्रबंधक रामेंद्र कुमार ने बताया कि इनके एटीएम नॉन बैकिंग प्रणाली के तहत आते हैं और ये आरबीआई के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं। इसके तहत इन्हें सुरक्षा गार्ड रखने की अनुमति नहीं है। उन्होंने पुलिस को बताया कि इस एटीएम में दो दिन पहले करीब साढ़े चार लाख रुपया डाला गया था और ट्रांजेक्शन होने के बाद एटीएम बाक्स में सवा दो लाख रुपये बचा था, जो सुरक्षित है और पुलिस के कब्जे में है।
समय पर पुलिस न आती तो भाग जाते बदमाश
बुधवार सुबह एटीएम रूम से गैस दुर्गंध के साथ जलने की बू आने से शार्ट सर्किट से आग लगने की आशंका हुई थी, इसलिए पुलिस को आग लगने की जानकारी दी थी। यदि दस मिनट और भी देरी पुलिस आती तो बदमाश भाग निकलते। 100 नंबर पर बदमाशों के होने की जानकारी पुलिस को देता तो एक दूसरे को बुलाने और लाव लश्कर तैयार करने के चक्कर में मौके पर उनके पहुंचने में देर होने की आशंका थी। इसलिए आग लगने की सूचना दी और पुलिस बल झट मौके पर आ गई।
- खालिद ,मकान मालिक जमुका (रोजा)
शातिरों को दबोचने वाली पुलिस टीम के सदस्य
रोजा थाना के प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी, एसएसआई ओम प्रकाश गौतम, हेड कांस्टेबल उमाशंकर शर्मा, आरक्षी कमर अहमद, मनीष कुमार और आरक्षी चालक हरिकेश यादव।