गुस्से में भाई के तमंचे से चली गोली ने सुनीता को उम्रभर का गम दे दिया। जिस हाथ से सुनीला राखी बांधती आई उसी पर गोली मारकर भाई ने बेकार कर दिया।
दरअसल, शिकारपुर क्षेत्र के जाल्पी गांव में घरेलू विवाद को लेकर ससुराल से समझाने आई सुनीता पर गुस्साए भाई ने तमंचे से गोली चला दी। गोली सुनीता के कंधे में लगी थी।
उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान चिकित्सकों को सुनीता की जिंदगी बचाने के लिए उसके बाजू को काटना पड़ा।
बता दें कि मंगलवार को शिकारपुर क्षेत्र के जाल्पी गांव में हुकम सिंह प्रजापति की विवाहित बेटी सुनीता को उसी के भाई कुंवरपाल ने तमंचे से गोली मार दी थी।
गोली सुनीता के कंधे में लगी थी। उसे मेरठ के लिए रेफर किया गया था। मेरठ के निजी चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. दानिश ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान सुनीता की छाती से 41 छर्रे निकले हैं।
छर्रे लगने से काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उसका बाजू बचाना संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि सुनीता का कंधे से बाजू निकाल दिया गया।
फिलहाल वह खतरे से बाहर है। बता दें कि कि मां की मौत के बाद हुकम सिंह रोटी के लिए बेटे-बहू का मोहताज थे। कुंवरपाल आए दिन पिता के साथ मारपीट करता था।
इसी बात को लेकर बहन सुनीता मंगलवार को ससुराल खुर्जा देहात के अगौरा गांव से भाई को समझाने के लिए आई थी।
बातचीत के दौरान विवाद होने पर कुंवरपाल ने गुस्से में सुनीता पर तमंचे से गोली चला दी थी।
कंधे में गोली लगने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उधर पुलिस ने आरोपी भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसे अभी इस बात का पता नहीं है कि उसकी बहन अपाहिज हो गई है।