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साजिश गर्ग दंपति की हत्या की भी थी

Sun, 10 Jul 2016 11:10 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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 निगोही। बरेली से बुजुर्ग गर्ग दंपति को इलाज के बहाने एंबुुलेंस से अगवा कर निगोही में लाकर छुपाकर रखने के मामले में अपहर्ताओं की सरगना युवती का रविवार को भी सुराग नहीं लग पाया। अलबत्ता युवती की मां पर पुलिस का शिकंजा कस गया है और सोमवार को उसे भी गिरफ्तार करने की तैयारी है। पड़ताल में पुलिस ने पाया है कि इस अपहरण में युवती के मां गुड्डो देवी और पिता राजपाल भी शामिल थे। राजपाल, युवती और उसके तीन सहयोगियों के खिलाफ निगोही थाने में रविवार को आईपीसी की धारा 364 ए और 368 के तहत केस दर्ज कर लिया गया। साथ ही घटना में एंबुलेंस लाने वाले बरेली के हार्टमैन इलाके के रहने वाले 40 वर्षीय मुकेश को रविवार की शाम पुलिस ने विधिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया। 
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मुकेश से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। पता चला है कि युवती ने अपने सूत्रों के मार्फत इस महफूज शिकार को चुना था। साजिश थी कि किसी भी तरह बुजुर्ग दंपति से उसकी कुल करीब 50-55 लाख रुपये की पूंजी हासिल कर ली जाए और फिर दोनों को मार कर ठिकाने लगा दिया जाए। उसी को अंजाम देने के लिए युवती ने डॉ. सुनील कुमार गर्ग (70) और उनकी पत्नी मीरा गर्ग (65) से मेलजोल बढ़ाया। दोनों का भरोसा हासिल करने के लिए उनका मनचाहे ढंग से मिशन अस्पताल ले जाकर वरिष्ठ चिकित्सक से उपचार कराने का ड्रामा रचा। उसके लिए एंबुलेंस भी मंगवा लिया और उसमें दंपति को बैठाने के बाद तय योजना के तहत एंबुलेंस को बरेली के स्टेशन रोड स्थित होटल चंद्रगुप्त से मिशन अस्पताल की बजाय सैटेलाइट बस अड्डे होकर पीलीभीत रोड से भुता होकर बीसलपुर मार्ग पर ले गए। यह देख दंपति चौंके और विरोध किया तो उन्हें रुमाल सुंघाकर बेहोश कर दिया। निगोही थाना क्षेत्र के दिलावरपुर कलां गांव स्थित युवती के मायके में बीते गुरुवार की शाम से लाकर दंपति को कमरे में बंद रखा गया और लगातार उनसे एटीएम की मां की जाती रही। साथ ही युवती व उसके साथियों ने दंपति से डेढ़ लाख रुपये नगद व जेवर छीन लिए थे। 
निगोही थाना प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि मुकेश से पूछताछ में पता चला है कि अपहरण की घटना में युवती के साथ उसकी मां भी शामिल थी और पूरी योजना में युवती का पिता भी सक्रिय सहयोगी की भूमिका में रहा। युवती की तलाश जारी है और बरेली एवं शाहजहांपुर में उसके सभी संभावित छिपने के ठिकानों को खंगाला जा रहा है। 
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पड़ोसी की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
शाहजहांरपुर / निगोही। दिलाबरपुर कलां निवासी अपहर्ता युवती के पड़ोसी पटेबहादुर की दी गई तहरीर पर पुलिस ने इस मामले में रविवार को रिपोर्ट दर्ज की। तहरीर में पड़ोसी ने लिखा है कि वह नौ जुलाई शनिवार को अपराह्न तीन बजे अपने घर पर बैठा था। उसने देखा कि पड़ोस के रहने वाले राजपाल, उसकी पत्नी गुड्डो व दो अज्ञात लोग एक वृद्ध दंपति को पीट -पीट कर एटीएम मांग रहे हैं। पटेबहादुर ने उन्हें बचाना चाहा लेकिन राजपाल के परिवारीजन इससे मारपीट करने पर उतारू हो गये। इनकी शिकायत पर निगोही पुलिस मौके पर पहुंची और वृद्ध दंपति को व एक आज्ञात को राजपाल के घर से पकड़ा। 


बुजुर्ग दंपति ने पुुलिस को बताई अपनी कहानी
शाहजहांपुर / निगोही। अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराए जाने के बाद निगोही थाने में पुलिस संरक्षा में रखे गए बुजुर्ग गर्ग दंपति ने अपनी मार्मिक कहानी बयान की है। थाने में ही पुलिस की ओर उनकी पूरी देखरेख की जा रही है और भोजन व दवा दी जा रही है। पुलिस को दी गई जानकारी में दंपति ने बताया कि डा. सुनील कुमार गर्ग मूल रूप से बरेली में बारादरी थाना क्षेत्र के माधोबाड़ी इलाके के रहनेे वाले हैं। इनके कोई संतान नहीं है। इनकी पत्नी को चार बार गर्भ ठहरा लेकिन प्रसव से पहले ही गर्भ खराब हो गया। वर्ष 1994 में डा. सुनील का अपने कारोबारी भाई अनिल कुमार गर्ग से संपत्ति को लेकर विवाद हो गया था। उसके बाद से यह अपने भाई से अलग हो गए। इनकी पत्नी मीरा गर्ग बरेली में ही स्त्री सुधार इंटर कॉलेज में अध्यापिका थी और रिटायरमेंट के बाद अब इन्हें करीब 20 हजार रुपये पेंशन मिलते हैं। पत्नी के रिटायरमेंट के बाद से ही इन्होंने माधोबाड़ी स्थित अपनी चल संपत्ति बेचकर कुल करीब 49 लाख रुपये की नगद पूंजी बैंक में जमा करा दी। फिर से अलग और सकून से रहने के लिए बरेली के होटल चंद्रगुप्त में कुछ समय पहले शिफ्ट हो गए। वहीं अचानक अपहर्ता गिरोह की सरगना युवती ने इनसे संपर्क साधा और एक व्यक्ति को साथ लेकर मिलने भी पहुंची जिसे कि उसने अपना पति बताया था। मानवीय संवेदना जताते हुए इनका बेहतर इलाज करानेे का वादा किया। फिर तो ये झांसे में आ गए लेकिन युवती का असली रूप देखने पर इन्होंने मर जाना कबूल किया लेकिन एटीएम की जानकारी देना नहीं। लेकिन आसपास के लोगों और पुलिस की मदद से इनकी जान बच गई।
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