प्राथमिक स्कूल में शिक्षण कार्य कर रही विकलांग शिक्षिका को उसके ससुराल वालों ने अपहरण कर घर ले जाने का प्रयास किया। शिक्षिका और बच्चों के शोर मचाने पर गांव के लोगों ने घेराबंदी की तो ससुराल वाले जान से मारने की धमकी देकर भाग निकले। मामले की तहरीर पुलिस को दी गई है, लेकिन पुलिस ने जांच करने की बात कहते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
खुटार के गांव धनसिंहपुर निवासी ब्रजलाल की विकलांग पुत्री कुसुमा देवी की शादी पांच साल पूर्व पुवायां के गांव मुड़िया कुर्मियात में हुई थी। शिक्षामित्र से सहायक शिक्षक बनने के बाद उसकी तैनाती मुड़िया कुर्मियात के पास बंडा ब्लाक और पुवायां थाना क्षेत्र के गांव मरेना में हो गई। शिक्षिका का आरोप है कि ससुराल वाले आए दिन उसके साथ मारपीट और प्रताड़ित करते थे, जिस कारण उसने तीन माह से ससुराल में रहना बंद कर दिया। वह मायके से रोजाना स्कूल आती जाती थी। बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे उसका पति अकेले पहुंचा और काफी देकर तक उसे साथ ले जाने के लिए बातचीत की। उसके मना करने पर पति ने फोन कर आधा दर्जन लोगों को बुला लिया। उक्त लोगों ने आते ही उसकी गोद से बच्चे को छीनकर फेंक दिया और मारपीट करते हुए उसे अपने साथ ले जाने लगे। शोर मचाने पर स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षक और बच्चे बाहर निकले और शोर मचाया। गांव के लोगों के मौके पर पहुंचने पर ससुराल वाले जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। घटना की जानकारी पाकर शिक्षकों में रोष पनप गया और उन्होंने शिक्षिका के साथ बंडा पहुंचकर बीईओ को प्रार्थनापत्र देकर घटना के संबंध में जानकारी दी। इसके बाद पुवायां कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।