शहर की बिटिया से दुराचार के मामले में जेल में बंद आसाराम का करीबी बताकर एक व्यक्ति ने शनिवार दोपहर बिटिया के पिता को लैंडलाइन फोन पर कॉल कर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। धमकाने वाले ने कहा कि केस वापस लेकर आसाराम से माफी मांग लो नहीं तो पूरे परिवार समेत नरक कुंड में जाने को तैयार रहो। सूचना मिलने पर एसपी डॉ. मनोज कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाकर बिटिया के परिवार की सुरक्षा और बढ़ा दी है। बिटिया के पिता ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच लैंडलाइन फोन पर कॉल आई। फोन पर कॉलर आईडी लगी थी जिससे पता चला कि फोन करने वाले ने भी लैंडलाइन फोन से ही कॉल की है। फोन करने वाले ने केस वापस लेने नहीं तो पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। जवाब में बिटिया के पिता ने कहा कि कोई परवाह नहीं और बेटी को न्याय दिलाने के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे। कहा, जब तक भगवान नहीं चाहेगा तो मौत नहीं आ सकती। धमकाने वाले ने बिटिया के पिता को गलत मुकदमा कराने पर धमकाया और आसाराम से माफी मांगने को कहा। बिटिया के पिता ने कहा कि गलती आसाराम ने की है तो उसे सजा मिलनी चाहिए, मैं कतई माफी नहीं मांगूंगा। फोन कटने पर बिटिया के पिता ने तत्काल एसपी को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। इस पर पुलिस तंत्र हरकत में आया। चौक कोतवाली में बिटिया की पिता से तहरीर लेकर अज्ञात फोन करने वाले के खिलाफ जानलेवा धमकी देने का केस दर्ज कर चौकसी बढ़ा दी गई।
बिटिया के पिता के पास शनिवार दोपहर आसाराम के किसी आदमी का धमकी भरा फोन आया था। इस वाकये को गंभीरता से लिया गया है। केस दर्ज कर परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- डॉ. मनोज कुमार, एसपी शाहजहांपुर
पहले भी मिल चुकी है धमकियां
शाहजहांपुर। बिटिया के परिवार को आसाराम के जेल जाने के दौरान से ही लगातार समझौता करने नहीं तो जान से मार डाले जाने की धमकियां मिलती रही हैं। बिटिया के पिता और परिवार के अन्य सदस्यों (दूसरे शहरों में रहने वालों के यहां भी) आसाराम के करीबियों ने कई बार मोबाइल या लैंडलाइन फोन पर कॉल कर धमकियां दीं। हाल ही में इस मामले के शाहजहांपुर निवासी गवाह कृपाल सिंह की हत्या करने वाले कार्तिक उर्फ राजू की गुजरात एटीएस द्वारा हुई गिरफ्तारी और उसे यहां के मामले में वारंट पर लाने गई शाहजहांपुर पुलिस टीम के अहमदाबाद पहुंचने के बाद शनिवार को बिटिया के पिता के पास आए धमकी भरे फोन को पुलिस गंभीरता से ले रही है। बता दें कि आसाराम के साधकों ने बिटिया के घर की कई बार रेकी भी की है। घटना के बाद से ही लगातार डर के साये में जी रहे इस परिवार की सुरक्षा के लिए लगातार पुलिस चौकसी की जा रही है। बाद में गत वर्ष 10 जुलाई को शहर में ही रहने वाले इस मामले के गवाह कृपाल सिंह पर आसाराम के करीबियों ने जानलेवा हमला कराया था। अगले दिन 11 जुलाई 2015 को उपचार के दौरान बरेली में कृपाल की मौत हो गई थी। मामले में सदर बाजार कोतवाली की पुलिस ने कृपाल की हत्या की साजिश रचने में शामिल रहे नारायण पांडेय समेत दो को दबोच लिया था। दोनों ही इस समय जेल में हैं।