जिले में फसली नुकसान के सदमे में डूबे किसानों की अस्वाभाविक मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को जैतीपुर क्षेत्र के खेड़ा रठ गांव में बुजुर्ग किसान नत्थू लाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इधर, लाखों के बैंक कर्ज में डूबे कांट क्षेत्र के गांव लालपुर निवासी 30 वर्षीय अशोक वर्मा ने खेत में फसल की बरबादी देख पास स्थित जीटीआई कैंपस में लगे जामुन के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी।
कांट। लालपुर की बीडीसी मेंबर अनीता वर्मा के पति अशोक का शव मंगलवार को देर शाम जीटीआई कैंटीन में कार्यरत मनीष ने जामुन पर लटका देखा। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मृतक के तयेरे भाई और लालपुर के पूर्व ग्राम प्रधान हरिपाल वर्मा ने बताया कि अशोक की 24 बीघा जमीन जीटीआई के पास है। दोपहर करीब 12 बजे अशोक गेहूं काटने के लिए खेत पर जाने को कहकर घर से निकले, लेकिन शाम को उनके फांसी लगा लेने की खबर मिली। खेत के पास जीटीआई की बाउंड्रीवाल टूटी होने से अशोक वहीं से पालीटेक्निक कैंपस में दाखिल हुए और जामुन की डाल में धोती बांधकर गले में फंदा डाल लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
तिलहर/खेड़ा बझेड़ा। जैतीपुर थाना अंतर्गत ग्राम खेड़ा रठ निवासी 65 वर्षीय नत्थूराम जाटव कुदरत के कहर से बरबाद गेहूं की फसल का सदमा बर्दाश्त न कर सके। खेत से लौटकर शाम लगभग चार बजे उन्होंने बेचैनी की शिकायत की। परिवार वाले आर्थिक तंगी के कारण उन्हें नजदीकी अस्पताल नहीं ले जा सके। गंाव के ही एक डॉक्टर को दिखाने पर भी कोई लाभ नहीं हुआ और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। 24 घंटे तक सरकारी खानापूरी की बाट जोहने पर भी हाकिमों और सरकारी मुलाजिमों ने कोई तबज्जोे नहीं दी तो मजबूर होकर घरवालों ने मंगलवार को देर शाम उनकी अंत्येष्टि कर दी।
बाद में मौके पर पहुंचे लेखपाल ने इसे स्वाभाविक मौत बताते हुए घरवालों को डपटकर फालतू बातें न करने की हिदायत दी। उधर, सीओ संजय कुमार ने बताया उन्हें किसान नत्थू लाल की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव के अनुसार नत्थू लाल की उम्र्र के लिहाज से उनकी नार्मल डेथ जांच में प्रमाणित हुई है और स्वाभाविक मौत होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। अशोक द्वारा आत्महत्या के कारणों की जांच कराई जाएगी।