थाना आरसी मिशन क्षेत्र में हरदोई बाईपास पर पकड़े गए नकली नोटों के खरीददार बरेली के अतुल और अभिजीत शुक्रवार को थाने से जमानत पर छूट गए। पुलिस ने दोनों से बरामद दो लाख की रकम भी उन्हें लौटा दी है। सिर्फ एमवी एक्ट की मामूली धारा में मुकदमा दर्ज करके कार सीज कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक दो और लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें शहर में रहने वाला पप्पू और बरेली का बबलू है। पुलिस नकली नोटों के कारोबारियों की तलाश में जुटी है।
बरेली के आंवला निवासी अतुल और रामपुर गार्डन निवासी अभिजीत के खिलाफ थाना आरसी मिशन पुलिस ने एमवी एक्ट की मामूली धारा में मुकदमा दर्ज करके उनके पास से मिली लग्जरी कार को सीज कर दिया है। इसके साथ ही दोनों को थाने से जमानत दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि अतुल और अभिजीत से जिस चौहान नाम के नकली नोट के कारोबारी ने दो लाख रुपये के बदले में पांच लाख रुपये देने की बात की थी, वह नाम गलत निकला है। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल में पप्पू का नाम होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही बरेली के किसी बबलू का नाम भी सामने आया है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग रहा है।
सेहरामऊ दक्षिणी के व्यक्ति का खेल
बताते है कि सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के एक व्यक्ति का इस डीलिंग में हाथ है, लेकिन पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। उस व्यक्ति ने ही नोटों का लालच देकर अतुल और अभिजीत को यहां बुलाया था। वह व्यक्ति असली नोट लेकर दोनों को पुलिस में फंसाने की धमकी देकर नोट हड़पना चाहता था, लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो पाया है।
मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होना चाहिए
कानून के जानकारों के मुताबिक कार पर उप सचिव की फर्जी प्लेट लगाकर गुमराह करना भी गंभीर अपराध है। फर्जी नेम प्लेट लगाकर पुलिस और लोगों को गुमराह करने में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में मुकदमा दर्ज होना चाहिए था।
दोनों के खिलाफ एमवी एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज करके उनकी कार को सीज कर दिया गया है। दोनों के पास कार के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था।
- एनडी पाठक, इंस्पेक्टर आरसी मिशन