कच्ची शराब की सूचना पर छापेमारी करने गई पुलिस को ग्रामीणों ने
दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान दो सिपाही घायल हो गए। सिपाहियों को पिटता
देख थानाध्यक्ष व अन्य सिपाही जान बचाकर भाग निकले। दोनों सिपाहियों ने
सीएचसी में मेडिकल कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि सिपाही शराब बिक्री की
बात पर दुकानदार को पीट रहे थे।
पुलिस को सूचना मिली कि जहानगंज थाना
क्षेत्र के घटमापुर गांव में एक परचून की दुकान पर कच्ची शराब बेची जा रही
है। इस पर थाने के सिपाही संतोष, राजवीर, अहिकार, दिलीप आदि ने दुकान पर
छापा मारा। छापेमारी के दौरान दुकानदार से कहासुनी हुई तो सिपाही वापस लौट
गए। सिपाहियों ने इसकी सूचना थानाध्यक्ष अनूप तिवारी को दी। रात करीब 8.30
बजे थानाध्यक्ष मय फोर्स मौके पर पहुंचे। यहां पर कुछ सिपाही परचून की
दुकान में जूता पहन कर धुसने लगे। इस पर दुकानदार
भानु सिंह ने विरोध किया।
आरोप है कि सिपाहियों ने दुकानदार को पकड़ लिया और जमकर पीटा। दुकानदारा
के चिल्लाने पर आसपास के लोग जुट गए। ग्रामीणों के जुटने के बाद भी
सिपाहियों ने पीटना बंद नहीं किया। इसके बाद चार सिपाहियों ने पकड़ कर
दुकानदार को जीप में फेंक दिया। इस दौरान दुकानदार जोर-जोर से चिल्लाने
लगा। दुकानदार की पुकार सुन
आसपास के ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने
सिपाहियों से हाथापाई कर दी। इस पर सिपाहियों ने अन्य ग्रामीणों को भी
पीटना शुरू कर दिया। इससे आक्रोश बढ़ गया। सिपाहियों को लाठीचार्ज करने
जैसी स्थिति बनते ही आक्रोशित ग्रामीणों ने पथराव शुरू कर दिया। साथ ही
पुलिस की जीप से दुकानदार भानू को छुड़ा लिया। तब तक कुछ अन्य ग्रामीण लाठी
डंडा लेकर दौड़ पड़े। यह देख थानाध्यक्ष व अन्य सिपाही मौके से भाग निकले।
ग्रामीणों के चंगुल में फंसे सिपाही रामप्रकाश व राजवीर
किसी तरह खुद को
छुड़ाकर भागे। इन दोनों सिपाहियों ने कमालगंज सीएचसी पहुंच कर मेडिकल
कराया। भानु ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके यहां से नगदी भी
लूटी है। दूसरी तरफ थानाध्यक्ष का कहना है कि वे छापामारी करने गए थे।
लामबंद ग्रामीणों ने हमला बोल दिया।