ककरा कब्रिस्तान के पास गोली मारकर घायल किए गए तांत्रिक ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने तांत्रिक की हत्या का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तांत्रिक की हत्या यूकेलिप्टस के पेड़ों में हिस्सा न देने पर भाड़े के हत्यारों से कराई गई थी।
मालूम हो कि थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला हयातपुरा निवासी तांत्रिक शंभूदयाल को 14 मई की शाम छह बजे ककरा कब्रिस्तान के पास गोली मारकर घायल कर दिया गया था। थाना सदर बाजार पुलिस ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, शंभूदयाल मूलरूप से हरदोई जिले के कस्बा पिहानी का रहने वाला था। वहां उसकी 15 बीघा जमीन भी है। पिहानी में शंभूदयाल के दो सगे भाई सूरजबली और खंजनलाल रहते हैं।
शंभूदयाल की जमीन पर उसके बड़े भाई सूरजबली ने 15 साल पहले करीब साठ यूकेलिप्टस के पेड़ लगवाए थे। सूरजवली का लड़का कलेक्टर इन पेड़ों में शंभूदयाल से आधा हिस्सा मांग रहा था लेकिन वह हिस्सा देने को तैयार नहीं था। शंभूदयाल ने अपने दूसरे भतीजे शिंकू को पेड़ और जमीन देने का मन बना लिया था। इसे लेकर कलेक्टर उससे रंजिश मामने लगा। कलेक्टर ने तांत्रिक की हत्या करने का ठेका 50 हजार रुपये में अपने भांजे आजाद निवासी पिहानी को दे दिया। 14 मई को आजाद कलेक्टर के बेटे रूपेश और पिहानी के ही लईक को लेकर मारूति वैन से शाहजहांपुर आया। लईक ने तांत्रिक को अपनी पत्नी की तबियत खराब होने के बहाने ककरा कब्रिस्तान बुला लिया और गोली मार दी। आजाद ने लईक को 10 हजार रुपये दिए। जब आजाद और लईक ने कलेक्टर से बाकी 40 हजार रुपये मांगे तो उसने यह कहकर कि जब तक तांत्रिक मरेगा नहीं, रुपये नहीं मिलेंगे। इस पर आजाद, रूपेश, कलेक्टर और लईक रविवार को तांत्रिक को मौत के घाट उतारने के इरादे से फिर यहां पहुंचे लेकिन पुलिस के हत्थे चढ़ गए। लईक भीड़ का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने पकड़े गए आजाद, रूपेश और कलेक्टर से तमंचा, चाकू और चापड़ बरामद किया है।