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कब्जा न हटवाने पर एसडीएम से भाजपा नेता की झड़प

Wed, 05 Apr 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ जलालाबाद
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झड़प - फोटो : अमर उजाला
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कब्जा न हटवाने पर एसडीएम से भाजपा नेता की झड़प
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पंचायत की जमीन पर दो खोखे रखकर कब्जा न हटाने पर बवाल, धरना दिया
- सीओ ने मौके पर पहुंच भाजपा नेता को समझा कर शांत किया 
- कब्जा हटावाने को लेकर सोमवार से आमरण अनशन कर रहा पीड़ित
जिला पंचायत द्वारा आवंटित जमीन पर दो खोखे रखकर किए गये कब्जे के विरोध में पीड़ित द्वारा सोमवार से तहसील पर शुरू किये गये आमरण अनशन के मामले में मंगलवार देर शाम काफी बवाल हो गया। पीड़ित पक्ष भाजपा का बूथ अध्यक्ष होने के कारण भाजपा नेता इस प्रकरण में खुलकर सामने आ गए और कब्जा हटवाने में आनाकानी कर रहे एसडीएम एसपी सिंह से भाजपा नेता मनोज कश्यप की तीखी झड़प हुई, जिसके बाद वह एसडीएम कार्यालय में ही धरने पर बैठ गये। इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ  जमकर नारेबाजी की मामले को बिगड़ते देख सीओ सुमित शुक्ला ने किसी तरह मनोज कश्यप को समझा बुझाकर शांत किया। इसके बाद एसडीएम व सीओ जिपं कर्मियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और उक्तअवैध कब्जे को वहां से हटवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। 
बता दें कि रोडवेज के समीप जिपं द्वारा आवंटित की गई जमीन पर कस्बे के ही मनोज सिंह द्वारा कब्जा कर वहां अपने दो खोखे रखवा देने का आरोप लगाते हुये मोहल्ला ब्रहम्नान निवासी रामशंकर ने लगाया। उन्होेंने जमीन कब्जामुक्त कराने की मांग को लेकर सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। रामशंकर का लड़का दीपक भाजपा में सुभाषनगर का बूथ अध्यक्ष के पद पर है, जिसके चलते इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता भी शामिल हो गये इसे देखते हुये मंगलवार दोपहर को ही जिपं के अपर मुख्य अधिकारी ने वरिष्ठ लिपिक अनिल ़िद्ववेदी तथा अभियंता समेत दो अन्य कर्मियों को तहसील भेजकर एसडीएम को उक्त पीड़ित को कब्जा दिलाने संबंधी पत्र समेत भेजा था परंतु देर शाम तक विभिन्न तरह की बाध्यता बताते हुये एसडीएम कब्जा हटवाने में ना नुकुर कर रहे थे। यह जानकारी मिलने पर भाजपा नेता मनोज कश्यप, नगर अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता समेत बड़ी तादाद में भाजपा कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय आ धमके और कब्जा हटाने का आदेश होने के बाद भी ढील देने का आरोप लगाते हुये एसडीएम से भिड़ गये परन्तु जब एसडीएम द्वारा कब्जा हटवाने से साफ तौर पर मना कर दिया गया तभी मनोज कश्यप समेत कार्यकर्ता एसडीएम के कमरे में ही धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। इस वहां मौजूद सीओ ने किसी तरह स्थिति को संभाला और इसके बाद सभी अधिकारी जिपं कर्मी व भाजपा कार्यकर्ता मौके पर गये और पीड़ित पक्ष को कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी।         
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अनशनकारी की हालत बिगड़ी
जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिये लंबे समय से प्रयासरत रामशंकर को जब हर जगह से निराशा हाथ लगी तो सोमवार को वह तहसील प्रांगण में धरने पर बैठ गये करीब साठ साल के ज्यादा रामशंकर की मंगलवार दोपहर तबियत ज्यादा बिगड़ गई इसके बाद सीएचसी से आये डॉ. रूपक गुप्ता समेत अन्य डॉक्टरों ने उनकी जांच पड़ताल की और इसकी रिपोर्ट एसडीएम को दी परंतु उन्होंने कब्जा पूरी तरह से न हट जाने तक अनशन खत्म करने से साफ  इंकार कर दिया।
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