सवा दो साल से अधिक समय से अपहृत बेटी की बरामदगी की मांग को लेकर कलक्ट्रेट पर सत्याग्रह कर रहे बिजलीपुरा के दंपति अशोक भोजवाल और आशा ने मंगलवार की रात दो होमगार्डों द्वारा पीटकर भगाए जाने के बावजूद बुधवार से दोबारा तीनों बच्चों समेत सत्याग्रह शुरू कर दिया। दंपति का आरोप है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
बता दें कि मंगलवार की रात कलक्ट्रेट में धरना स्थल के पीछे टिन शेड के नीचे बच्चों के लिए खाना पका रही आशा और अशोक को वहां पहुंचे होमगार्ड के दो जवानों ने चले जाने की हिदायत दी। आशा ने बेटी पूजा के मिलने तक कलक्ट्रेट में बने रहने की जिद पकड़ी तो होमगार्ड आक्रामक हो उठे। उन्होंने अशोक को पीटा तो पति के बचाव में आशा आगे आ गईं। इस पर होमगार्डों ने दंपति को डंडों से बुरी तरह पीटा।
इसकी शिकायत करने दंपति देर रात रोते हुए थाना सदर बाजार पहुंचे, लेकिन इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने होमगार्डों की पहचान कराने के लिए सुबह आने को कहा। बुधवार को सुबह आशा का प्रभारी निरीक्षक ने कुछ होमगार्डों से सामना कराया, लेकिन आशा ने उनमें आरोपी होमगार्ड नही देख उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। बाद में पति और तीनों बच्चों को लेकर आशा फिर कलक्ट्रेट पहुंच गई। स्थानीय अभिसूचना इकाई के अफसरों से आशा ने साफ कहा कि बेटी के मिलने तक कलक्ट्रेट में अफसरों की चौखट नहीं छोड़ेगी।
कई संगठनों ने व्यक्त की सहानुभूति
जायज मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह करने वाले दंपति पर होमगार्डों के हमलावर होने की जानकारी पाकर कई संगठनों के पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर जाकर अपहृत बेटी की मां आशा से गहरी सहानुभूति जताई। इस प्रकरण में दंपति का शुरू से सहयोग-समर्थन कर रहे शोषित समाज मोर्चा के पदाधिकारियों ने बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर कलक्ट्रेट में धरना देने के दौरान यह मामला भी प्रमुखता से उठाया।
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष इशहाक मोहम्मद और महासचिव फकीरे लाल भोजवाल ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के अधिकारी सता पक्ष के इशारे पर शुरू से दंपति के सत्याग्रह को खत्म कराने की कोशिश में जुटे हैं। होमागार्डों द्वारा दंपति की पिटाई उन्हें कलक्ट्रेट से भगाने की साजिश के तहत की गई। बिजली संकट को मुद्दा बनाकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने आए आम आदमी संस्था के पदाधिकारियों ने भी प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर नाथ हांडा के नेतृत्व में आशा से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया।
सत्याग्रही दंपति को पीटने वाले दो होमगार्ड पर रिपोर्ट
शाहजहांपुर। कलक्ट्रेट परिसर में सत्याग्रही दंपति की पिटाई करके भगाने के मामले में थाना सदर बाजार पुलिस ने दो अज्ञात होमगार्ड के खिलाफ मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बुधवार की सुबह थाना सदर बाजार और कलक्ट्रेट में तैनात होमगार्ड्स की दंपति के सामने शिनाख्त परेड कराई गई, लेकिन दोनों पहचान नहीं कर पाए, जबकि पुलिस के मुताबिक एक होमगार्ड ने दंपति से विवाद होने की बात कबूली है।
मोहल्ला बिजलीपुर निवासी अशोक और उनकी पत्नी आशा बेटी पूजा की बरामदगी की मांग को लेकर सवा दो सालों से कलक्ट्रेट परिसर पर धरने पर बैठे हैं। मंगलवार की रात दो होमगार्डों ने दंपति की डंडों से पिटाई करके भगा दिया। मामले में अशोक की तहरीर पर पुलिस ने दो अज्ञात होमगार्ड के खिलाफ मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शिनाख्त परेड में नहीं पहचान हो पाई
बुधवार को सदर पुलिस ने थाने और कलक्ट्रेट में तैनात करीब 25 होमगार्डों की शिनाख्त परेड कराई गई, लेकिन दंपति ने आरोपी होमगार्ड की पहचान नहीं कर पाए। थाना सदर बाजार इंस्पेक्टर जेपी तिवारी के मुताबिक घटना के बाद इलाके में तैनात होमगार्डों से पूछताछ की गई। जिसमें खिरनीबाग चौराहा पर तैनात एक होमगार्ड ने विवाद की बात कबूल की, लेकिन दंपति ने उसे भी पहचान करने से इनकार कर दिया।
पिटाई की सूचना पर अधिकारियों में मचा हड़कंप
मंगलवार की रात कलक्टे्रट परिसर में सत्याग्रही की पिटाई की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। काफी रात तक अधिकारी दंपति और होमगार्ड्स से पूछताछ करते रहे।