- घटना में मुख्य अभियुक्त का साथ देने वाले दो भाइयों को पांच साल की कैद
- सिंधौली की चार साल पुरानी घटना पर फास्ट ट्रैक कोर्ट सुनाया फैसला
सिंधौली थाना क्षेत्र में चार साल पहले दशहरा मेला के घूमने गई नाबालिग को बहला-फुसला कर भगा ले जाने एवं जबरन ब्याह करने के मामले में सोमवार को सुनवाई पूरी करते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट (महिला आपराधिक वाद) की न्यायाधीश प्रतिमा श्रीवास्तव ने ग्राम मूठा फत्तेपुर निवासी तीन आरोपी सगे भाइयों को दोषसिद्ध अभियुक्त करार दिया। मुख्य अभियुक्त निज्जू को 10 साल की कैद और 35 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि अन्य दो नन्हें और प्रेमपाल को पांच-पांच साल की कैद एवं पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई।
मूल घटना वर्ष 2012 को 31 मई को हुई थी। सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव कटिया बुजुर्ग में 15 वर्षीय पीड़िता अपनी छोटी बहन के साथ दशहरा मेले घूमने गई थी। पीड़िता का भाई भी मेले में गया हुआ था। शाम को पीड़िता के भाई और छोटी बहन घर लौटे, लेकिन पीड़ित नहीं लौटी। पूछताछ पर पता चला कि मेला घूमने पहुंचे निज्जू ने पीड़िता को झांसे में ले लिया और अपने दो भाइयों की मदद से उसे किसी अनजान जगह साथ ले गया। पीड़ित परिवार के लोग आरोपी के घर पहुंचे, लेकिन आरोपी और उसके दोनों भाई घर पर नहीं मिले। पीड़ित के परिवारवालों ने पहले अपने स्तर पर किशोरी की तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर चार जून 2012 को सिंधौली थाने में तहरीर देकर किशोरी की तलाश का अनुरोध किया। उसी दिन थाने में आईपीसी की धारा 363, 366 और 376 के तहत केस दर्ज किया गया।
घटना के करीब एक माह बाद पुलिस ने पीड़िता को आरोपियों के साथ बरामद कर लिया। किशोरी का मेडिकल कराने के बाद पुलिस ने प्राप्त साक्ष्यों एवं बयानों के आधार पर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से प्रस्तुत गवाहों, अभियुक्तों के बयान और पीड़िता और उसके परिवार वालों के बयानों को सुनने के साथ दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के तर्क को सुनने के बाद सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।