मौसा के घर ईद मिलने बरेली के कस्बा फरीदपुर के गांव भगवंतापुर गए पांच युवक नदी में डूब गए। तीन लोगों को जीवित बचा लिया गया, जबकि एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक के चाचा का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। युवक की मौत और चाचा के बारे में पता नहीं चल पाने से घर में कोहराम मचा हुआ है।
पुवायां के ग्राम बड़ागांव निवासी बली मोहम्मद का 18 वर्षीय पुत्र लाल मोहम्मद, अपने चाचा 19 वर्षीय जब्वार मोहम्मद और गांव के ही गफ्फार, राजू, मोहम्मद फुरकान आदि के साथ मुंबई में ग्रिल बनाने का काम करता है। सभी हम उम्र और आपस में दोस्त भी हैं। ईद पर सभी दोस्त तीन जुलाई को मुंबई से घर लौटे थे। 11 जुलाई को लाल मोहम्मद अपने चाचा जब्वार और तीन अन्य दोस्तों के साथ अपने मौसा बरेली के कस्बा फरीदपुर के गांव भगवंतापुर निवासी इसरार खां के घर ईद मिलने गया था।
12 जुलाई को पांचों लोग कस्बे के पास बहगुल नदी के ढकनी वाले पुल के पास नहाने चले गए। नहाते समय सभी नदी के तेज बहाव में बहने लगे तो आसपास के लोगों ने नदी में कूदकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। गफ्फार, राजू, मोहम्मद फुरकान को लोगों ने बचा लिया, लेकिन लाल मोहम्मद और उसका चाचा जब्वार मोहम्मद नदी में बह गए। जानकारी पाकर इसरार के घर के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और गोताखोरों को बुलवाकर दोनों की तलाश कराई, लेकिन कोई पता नहीं चल सका। सूचना मिली तो बड़ागांव से दोनों के परिवार के लोग भी भगवंतापुर पहुंचे। बुधवार को लाल मोहम्मद का शव नदी से बरामद हो गया, लेकिन देर शाम तक जब्वार का कोई पता नहीं चल सका था। दोनों घरों में कोहराम मचा हुआ है।
घर का कमाऊ सदस्य था लाल मोहम्मद
पुवायां। लाल मोहम्मद अपने चार भाइयों में बड़ा था। उसने इसी वर्ष बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा पास की थी। पढ़ाई के साथ वह मुंबई में ग्रिल बनाने का कार्य भी करता था, जिससे परिवार चलाने में मदद मिलती थी। उसके तीन भाई अभी नाबालिग हैं। लाल मोहम्मद की मौत से मां मरियम बेगम सहित परिवार के सभी सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है।
उधर, जब्बार मोहम्मद अपने भाइयों में सबसे छोटा है। उसका पता नहीं चल पाने से परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से ग्रस्त हैं। मां अफसरी बेगम सहित परिवार के लोगों का रो रोकर हाल बेहाल है।