राइस मिल के लिए फर्जी दस्तावेजों से ले लिया ऋण
इंजीनियर आरके अग्रवाल समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट
फर्जी दस्तावेज तैयार करके इलाहाबाद बैंक की नगर शाखा से राइस मिल के लिए 80 लाख का ऋण ले लिया गया। धोखाधड़ी का यह मामला सामने आने पर बैंक के सहायक महाप्रबंधक एसबी पांडेय ने शहर के मोहल्ला सिंजई निवासी इंजीनियर आरके अग्रवाल सहित आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इलाहाबाद बैंक की गोविंदगंज शाखा के प्रबंधक वीएस अहलूवालिया ने बताया कि खुदागंज के गांव मझिला निवासिनी नीलम सिंह ने जय मां वैष्णो राइस मिल की स्थापना के लिए तीस लाख और कार्यशील पूंजी के लिए पचास लाख रुपये के ऋण के लिए 21 फरवरी, 2011 को आवेदन किया था। राइस मिल की प्रोपाइटर नीलम सिंह और ऋण जमानतदार मझिला निवासी अजेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकी सिंह, नरेंद्रपाल सिंह ने समान आशय एवं उद्देश्य से ऋण पत्रावली एवं ऋण से संबंधित समस्त प्रपत्र शाखा सिटी कार्यालय को हस्ताक्षरित किए थे। राइस मिल की पत्रावली का अधिकृत मूल्यांकन इंजीनियर आरके अग्रवाल केयर आफ आरके एसोसिएट निवासी सिंजई और एमआर सिद्दीकी एएएन एसोसिएट, 09 द्वितीय तल मिर्जा टॉवर लवलेन हजरतगंज लखनऊ ने किया था। संबंधित संपत्तियों के परीक्षण के उपरांत तैयार की गई मूल्यांकन रिपोर्ट एवं बैंक के पैनल अधिवक्ता अशोक सिंह निवासी 59 गोविंदगंज की संबंधित अचल संपत्ति के संदर्भ में तैयार की गई लीगल रिपोर्ट शाखा प्रबंधक के समक्ष प्रस्तुत की गई थी। बैंक के संबंधित अधिकारियों ने आवेदक और जमानतदारों की ओर से प्रस्तुत प्रपत्रों, मूल्यांकन रिपोर्ट और लीगल रिपोर्ट के आधार पर दो जून, 2011 को 80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया गया।
शाखा प्रबंधक के मुताबिक, जब 11 और 12 अक्तूबर, 2014 को वरिष्ठ प्रबंधक तथा बैंक के अन्य अधिकारियों ने स्थापित मिल की अवस्थिति और पत्रावली में उपलब्ध प्रपत्रों का निरीक्षण तथा अन्वेषण किया गया तो वह गलत पाया गया। छल पूर्वक लिए गए धन से 31 दिसंबर, 2016 तक कुल ब्याज सहित 12478970.51 रुपये की बैंक को भारी क्षति हुई है। मामले की जानकारी बैंक के प्रधान कार्यालय को दी गई। मामले की रिपोर्ट सीतापुर मंडलीय कार्यालय के सहायक प्रबंधक एसबी पांडेय ने दर्ज कराई है।