फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नवजात की मौत के 16 घंटे बाद प्रसूता मरी

Sun, 23 Aug 2015 11:41 PM IST
शाहजहांपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन
 जिला अस्पताल में शनिवार को प्रसव के दौरान नवजात की गर्दन कट जाने से हुई मौत के मामले में प्रसूता ने भी उसके साढ़े 16 घंटे बाद रविवार की सुबह चार बजे निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्राव बताया जा रहा है। नाराज परिवारजन और आसपास से जुटे लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा काटने की कोशिश की, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने उन लोगों को जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करने और प्रशासन से आर्थिक सहायता दिलाए जाने की बात कहते हुए शांत करा दिया।
विज्ञापन

रविवार को साढ़े आठ बजे प्रसूता गीता की मौत के बाद घरवालों और अन्य लोगों का गुस्सा भड़कने लगा। लोगों ने रोड जाम कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने की बात कही। इस पर मौके पर पहुंचे कोतवाली इंस्पेक्टर केके तिवारी ने उन लोगों को प्रशासन से मदद दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया, लेकिन प्रशासन का सहयोग करने की बात भी समझाई। यह बात कहते हुए प्रसूता के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए ले गए।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने गीता के घरवालों को समझाकर मामले को शांत कराया। साथ ही टंडन नर्सिंग होम के खर्च को भी माफ कराने के लिए डॉ. विकास टंडन से मोबाइल फोन के जरिये बात की। पोस्टमार्टम होने तक पुलिसबल पीएम पर तैनात रहा। पोस्टमार्टम में गीता के गर्भ में रक्त जमा होने की बात कही जा रही है। पोस्टमार्टम होने के बाद गीता और उसके बच्चे का अंतिम संस्कार साथ-साथ किया गया। गीता के शव को मुखाग्नि दी गई, जबकि बच्चे को दफना दिया गया।
विज्ञापन

000
डॉक्टर ने मांगेे थे 10 हजार रुपये
गीता के पति हेमंत गिहार का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर और नर्स ने उससे 10 हजार रुपये की मांग की थी। न देने पर ही उसकी पत्नी को वहां से रेफर कर दिया गया था। कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से ही उसके बच्चा और पत्नी की मौत हो गई।
000
बच्चों में नहीं रखा तीन साल का अंतर
शाहजहांपुर। अखबार, रेडियो, पोस्टर, मौखिक और टीवी चैनलों से लेकर अन्य तमाम माध्यमों से सरकार स्वस्थ जच्चा और स्वस्थ बच्चा रखने के लिए दो बच्चों में कम से कम तीन साल का अंतर रखने के बारे में बताया जाता है। इसका उद्देश्य सिर्फ यही होता है कि प्रसव के दौरान कोई परेशानी न हा, लेकिन गीता और हेमंत ने इस बच्चे को पैदा करने में तीन साल का अंतर नहीं रखा। ऑपरेशन के दौरान उसमें रक्त की कमी थी, जिससे डॉक्टरों को उसे खून भी चढ़ाना पड़ा।
000
दो बच्चों के जन्म में तीन साल से कम अंतर रखने पर प्रसूता में खून और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इससे गर्भ धारण करने के दौरान उसके और बच्चे के बीमार होने का खतरा रहता है, जिससे कभी-कभी अनहोनी घटनाए भी हो जाती हैं।
- डॉ. अश्वनी कुमार, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
000
फोटो 02 में है
बेटे आयुष को सोता हुआ छोड़ गई थी गीता
शाहजहांपुर। गीता के पति हेमंत गिहार ने बताया कि शनिवार सुबह सात बजे के करीब वह घर से प्रसव कराने के लिए पत्नी गीता को लेकर जा रहा था तो उसका पौने दो साल का बेटा आयुष सो रहा था। हेमंत के मुताबिक गीता बेटे को जगाकर देखने के लिए कह रही थी, लेकिन उसकी हालत की वजह से बेटे को नहीं जगाया। उसे क्या मालूम था कि वह अब अपने बेटे का मुंह देखने के लिए जिंदा ही नहीं रहेगी। वहीं, घर पर दो वर्ष का आयुुष बार-बार मां को याद कर रहा है। उस अबोध को तो यह भी नहीं मालूम था कि उसकी मां अब इस दुनियां में नहीं रही।
000
रेड क्रॉस सोसाइटी से पीड़ितों को मिलेगा एक लाख
शाहजहांपुर। गर्भ में बच्चे का धड़ अलग होने के 21 घंटे के बाद प्रसूता गीता की भी मौत रविवार आठ बजे हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और पीड़ितों का हालचाल लिया। पोस्टमार्टम हाउस पर एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय, सिटी मजिस्ट्रेट एपी श्रीवास्तव ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने पीड़ितों का दुख साझा करते हुए प्रशासन से मदद दिलाने की बात कही। एडीएम उपाध्याय ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी से पीड़ितों को एक लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी। ब्यूरो
000
मरा हुआ पैदा हुआ था बच्चा
शाहजहांपुर। प्रसव कराने के दौरान बच्चे के मर जाने के दूसरे दिन मां की भी मौत हो गई। इस मामले में महिला जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अश्वनी कुमार का कहना है कि गर्भ के अंदर ही बच्चे की मौत हो गई थी, इस वजह से उसे काटकर निकाला गया था। उन्होंने कहा कि प्रसूता गीता का ऑपरेशन ऑन ड्यूटी डॉ. ज्योति ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें