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लोहगढ़ नदी से मिला दवाओं का जखीरा

Sun, 23 Aug 2015 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
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घाड़ क्षेत्र के गांव भगवानपुर के पास लोहगढ़ नदी से दवाओं के करीब दो सौ कट्टे मिले हैं। मामला नदी के साथ लगते भगवानपुर गांव में बदबू फैलने पर उजागर हुआ।
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बदबू से ग्रामीणों का सांस लेना मुश्किल हो गया। आसपास जांच करने पर नदी से भारी मात्रा में दवाओं के कट्टे बरामद हुए। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी की मदद से दवाओं के कट्टों को नदी से निकालकर गड्ढे दबा दिया।

गांव भगवानपुर के ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार शाम तक नदी में कुछ नहीं था। बीती रात में अंधेरे का फायदा उठा कर ही कोई इन दवाओं को नदी में गिरा गया है। दवाओं के कुछ कट्टे नदी के किनारे पर और कुछ नदी के बीच पड़े मिले।
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रविवार सुबह गांव में बदबू फैलने पर ग्रामीणों के जांच करने पर नदी से इन दवाओं से भरे कट्टे बरामद हुए। लोगों ने रणजीतपुर चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्रग कंट्रोल अधिकारी डॉ. रितु मेहला, डॉ. शमा प्रवीण, बलवान सिंह, प्रदीप कुमार व रणजीतपुर चौकी प्रभारी शमशेर सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

लोगों ने बताया कि वे बरसाती नदी के पानी का इस्तेमाल करते हैं। दवाओं के पानी में मिलने से बीमारी फैल सकती है। लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। लोगों ने बताया कि नदी में जाने का रास्ता गांव से होकर ही गुजरता है। दवाओं को किसी बड़े वाहन में भरकर नदी तक लाया होगा। गांव के पास ही रणजीतपुरप चौकी है। पुलिस को इसकी खबर तक नहीं लगी।

असली-नकली या एक्सपायरी, स्थिति स्पष्ट नहीं
महिला चिकित्सक डॉ. शमा प्रवीण ने बताया कि दवाओं की जांच की गई है। कुछ सही प्रकार से पता नहीं लग पाया है कि दवाएं असली-नकली या फिर एक्सायरी हैं या नहीं। कुछ दवाएं लिक्विड है तो कुछ ड्राई हैं। इस बारे में तो जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। चिकित्सकों ने बताया कि जो दवाओं के कट्टे नदी में हैं, उनमें से अधिकतर दवाएं ताकत की हैं।

हिमाचल की सीमा से आ सकती है दवाएं
गांव भगवानपुर से मात्र एक किलोमीटर दूरी पर हिमाचल की सीमा शुरू हो जाती है। जहां हिमाचल सरकार की ओर से बैरियर भी लगाया गया है। हिमाचल प्रदेश में कई दवाओं की कंपनियों के प्लांट भी हैं। ऐसा भी हो सकता है कि हिमाचल प्रदेश की ओर से किसी कंपनी ने इन दवाओं को नदी में गिराया हो।

जेसीबी की मदद से जंगल में दबाई दवाएं
नदी से भारी मात्रा में मिली दवाओं को स्वास्थ्य विभाग व पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी की मदद से निकाला गया। बाद में सभी दवाओं को पास स्थित जंगल क्षेत्र में गड्ढा खोदकर दबवा दिया गया ताकि आसपास के लोगों, जानवरों व पालतू पशुओं को इससे नुकसान न हो।
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