शहर के मोक्षधाम के पास खन्नौत नदी के पुल पर बुधवार सुबह ट्रेन से कटकर मरने वाले सभी छह शवों की शनिवार को शिनाख्त हो गई। मरने वाले सभी छह लोग निगोही थाना क्षेत्र के आसपास के दो गांवों के हैं। मंगलवार को ये सभी लोग पंजाब के सरहिंद रेलवे स्टेशन से निगोही के लिए आ रहे थे। सभी लोग बेटिकट थे।
मृतकों की शिनाख्त करते हुए निगोही के गांव बलरामपुर निवासी बधिक जाति की चंपा देवी ने बताया कि मरने वालों में चार लोग उसके परिवार के हैं, जबकि दो लोग पड़ोस के गांव ईशापुर निवासी पूरन की पत्नी राज देवी और उसकी एक वर्ष की बेटी है। बताया कि मरने वालों में उसकी 45 वर्षीय पुत्र वधू रामबेटी, 14 वर्षीय नातिन लीलावती उर्फ मटोला, पांच वर्षीय नाती दीनदयाल उर्फ कालिया एवं ढाई वर्षीय खेमकरन शामिल हैं।
चंपा ने बताया कि उसका बेटा निर्मल और उसका परिवार दिल्ली से सामान खरीद कर पंजाब में जगह-जगह जाकर बेचता है। जरूरत पड़ने पर मजदूरी भी कर लेते हैं। कहा कि मंगलवार को उसके बेटे निर्मल और पड़ोसी गांव के पूरन ने अपने परिवारों को घर भेजा था। उन लोगों के पास टिकट नहीं था। बुधवार को जब ये लोग घर नहीं पहुंचे तो फोन कर पता किया गया, उनके गांव में पहुंचने की कोई जानकारी नहीं मिलने पर निर्मल ने बृहस्पतिवार को उसे और रिश्तेदार फूलमती को पता करने के लिए भेज दिया।
ये दोनों रास्ते में पड़ने वाले स्टेशनों पर पूछताछ करते हुए आ रहीं थीं। इन्होंने नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली स्टेशन पर सभी के बारे में मालूमात की। बरेली जीआरपी से कोई जानकारी न मिलने पर दोनों कोतवाली पहुंच गईं, जहां उन्हें पुलिस कर्मियों ने बताया कि शाहजहांपुर में एक ट्रेन हादसे में छह लोग मर गए हैं। वहां जाकर पता कर लो। इस पर इन लोगों ने शहर के सदर बाजार थाना पहुंचकर इससे संबंधित पूछताछ की और दुर्भाग्यवश ये सभी उनके परिवार के ही निकले।