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हत्यारों से हुई गुत्थम-गुत्था, फिर भी नहीं बची जान

Wed, 13 Jun 2018 12:16 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
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बरामदे में शव के पास खून मिलने के अलावा कमरे में भी खून के निशान मिले हैं, दीवारों पर भी खून के धब्बे पड़े नजर आ रहे थे। इससे लग रहा है कि हत्यारों की संख्या एक या दो से अधिक रही होगी और पीयूष सक्सेना की हत्यारों से बचने के लिए गुत्थम-गुत्था भी हुई लेकिन अकेला पड़ जाने के कारण वह खुद को बचा नहीं पाया। घर में नकदी और जेवर सही सलामत मिलने पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उनका मकसद केवल हत्या करना रहा होगा। पुलिस को मौके पर दो शराब की खाली बोतल भी मिली है।
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घटना के बाद हत्यारे मकान का मुख्यगेट इस तरह बंद करके चले गए जैसे अंदर से कुंडी लगी हो। पड़ोस में रह रहे चाचा राजेश कुमार सक्सेना पुलिस विभाग से रिटायर दरोगा ने जब मकान में जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। चूंकि घर में पीयूष उर्फ रानू अकेला था, इसलिए हत्या की वजह तो नहीं पता चल पाई लेकिन राजेश कुमार ने दी गई तहरीर में बताया कि भतीजे पीयूष के साथ फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले खुदागंज निवासी अतुल व इमरान का पीयूष के घर आना-जाना और खाना-पीना होता था, इसलिए उसे शक है कि इन्हीं दो लोगों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की है।

माता-पिता का इकलौता था पियूष
पीयूष माता-पिता का इललौता पुत्र था। एक बहन प्रियंका है, जो अजीजगंज में ही ब्याही है। उसके पिता प्रभात सक्सेना बिजली विभाग में थे, उनकी मौत के बाद मां को पिता की जगह नौकरी मिल गई। रिटायर होने के बाद बूढ़ी मां की भी मौत हो गई। मकान में पीयूष अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहता था। घटना के समय वह अकेला था। पति के शव से लिपटकर बिलख रही रश्मि के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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खुलासे को एसपी ने लगाईं दो टीमें
एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने बताया कि मौके से शराब की दो खाली बोतलें भी मिलीं हैं। शक के आधार पर दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखाई गई है लेकिन पियूष घर में अकेला था, उसके पास कौन आया। इन्हीं सब बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल करते हुए घटना के खुलासे को दो टीमे लगाई गईं हैं।
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