फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छप्पर में लगी आग, युवक की जलकर मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
खुटार (शाहजहांपुर) । शुक्रवार रात छप्पर घर में आग लग जाने से युवक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मच गया। नायब तहसीलदार और लेखपाल ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी है।
विज्ञापन

गांव चठिया बलरामपुर निवासी 22 वर्षीय रामनिवास छप्पर (झोंपड़ी) में अपनी मां कुंती देवी के साथ रहता था। पड़ोस में ही उसका भाई कुन्नू अपने परिवार के साथ रहता है। शुक्रवार रात लगभग 11 बजे अचानक रामनिवास के घर में आग लग गई। जानकारी न होने के कारण मां, बेटी अंदर ही लेटे रहे। जलता हुआ छप्पर रामनिवास और कुंती देवी के ऊपर आ गिरा तो कुंती देवी किसी तरह भाग निकली और शोर मचाया तो दूसरे पुत्र कुन्नू, कुन्नू की पत्नी रूबी देवी आदि ने गांव के लोगों की मदद से रामनिवास को अंदर से निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी और उसकी आग में जलकर मौत हो गई।
इस बीच आग से दोनों भाइयों के घर भी जलकर खाक हो गए। आग से कुंती देवी के कुंडल, पायल, कुन्नू के तीन हजार रुपये, रूबी की सोने की झुलनी, झुमकी, मांगबेदा, लॉकेट आदि जल गया। घर में रखा राशन, कपड़े सहित सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। शनिवार को नायब तहसीलदार श्यामवीर सिंह लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेने के बाद रिपोर्ट अधिकारियों को भेज दी है। नायब तहसीलदार ने बताया कि मृतक परिवार को चार लाख रुपये की मदद दिलाई जाएगी। रामनिवास की मौत से उसकी मां का रो रोकर बुरा हाल है। रामनिवास के पिता अजयपाल की पहले ही मौत हो चुकी है।
विज्ञापन


मां का सहारा था रामनिवास
खुटार (शाहजहांपुर)। रामनिवास और कुन्नू दोनों ही भूमिहीन हैं। यहां तक कि दोनों ने अपने छप्पर भी दूसरे की जगह में बना रखे हैं। कुन्नू मजदूरी कर परविार की गुजर करता तो रामनिवास मजदूरी से अपना और मां कुंती देवी का पेट पालता था। रामनिवास की मौत से मां कुती देवी का रो रोकर बुरा हाल है। उसके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दोनों परिवार सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। गांव के लोगों ने कुछ कपड़े, राशन आदि देकर उनकी मदद की है। प्रधान बटेश्वरदयाल ने बताया कि उन्होंने मृतक के परिवार को रजाई, राशन, कपड़े दिए हैं और मृतक के अंतिम के अंतिम संस्कार का खर्चा वह खुद उठाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें