पुवायां (शाहजहांपुर)। खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया की मंजीत कौर को मृत दर्शाकर विदेश में रह रहे दो लोगों को वारिस दर्ज कर दिया गया। इसके बाद मुखत्यारे आम बनकर जमीन को एक कंपनी को बेच दिया गया। कोर्ट के आदेश पर महिला ने कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
खुटार के गांव बिजौरा बिजौरिया निवासी मेहर सिंह की पुत्री मंजीत कौर ने बताया कि उनकी कृषि भूमि गांव में ही है। वह अपनी पुत्री कुलदीप कौर के साथ रहती हैं और पुत्री ही उनकी देखभाल करती है। कुछ समय पूर्व वह अपनी जमीन को पटके (ठेके) पर देकर पंजाब चली गई थीं। उनको मृत दर्शाकर कुछ लोगों ने उनकी जमीन को पंजाब के अब्बूवाल निवासी गुरसरन सिंह, गुरदीप सिंह के नाम बतौर वारिस दर्ज करा दिया। जबकि ये काफी समय से विदेश में रहते हैं। इनके नाम विरासत दर्ज की गई है, उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी नहीं है।
वारिस में नाम दर्ज होने के बाद उनकी जमीन को गुरसरन और गुरदीप के फर्जी मुखत्यार आम बनकर बिजौरा बिजौरिया के श्रीनिवास गुप्ता पुत्र बाबूराम गुप्ता ने एक कंपनी के साथ मिलकर आठ जुलाई 2020 को फर्जी बैनामा अपने नाम दर्ज करा लिया और उन्हीं फर्जी प्रपत्रों के आधार पर 29 अक्तूबर, 2020 में राजस्व अभिलेखों में एक कंपनी ने अपना नाम दर्ज करा लिया।
आरोपी यह अच्छी तरह से जानते थे कि जमीन की मालिक अभी जिंदा है, फिर भी मृत दर्शाकर कंपनी के मालिकान, कर्मचारियों, क्षेत्र के कुछ लोगों और गवाहान ने श्रीनिवास गुप्ता ने तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों को गुमराह कर धोखाधड़ी और फर्जी प्रपत्रों को असली की तरह प्रयोग किया।
आरोपी यह भी जानते थे कि गुरसरन सिंह और गुरदीप सिंह विदेश में रहते हैं और कभी भारत नहीं आएंगे, फिर भी विदेश में रह रहे लोगों की जानकारी बगैर उनके नाम जमीन दर्ज करा दी गई।
इस प्रकार उनकी महंगी कृषि भूमि को खुर्द बुर्द कर रुपयों का बंटवारा कर लिया है। इस सारी धोखाधड़ी को कराने वाला पंजाब के लुधियाना के गांव लीहा का दरबारा सिंह है। उन्होंने तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई।
अधिकारियों को पत्र देने के बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ पुवायां वीएम वीरकुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।