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24 घंटे बीतने से पहले भुला दी मालगाड़ी की चपेट में आने वाली मां-बेटी की मौत

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शाहजहांपुर। रेलवे लाइन किनारे चलने और बंद फाटक पार करते समय अक्सर हादसे होते रहते हैं। बावजूद इसके लोग लापरवाही से बाज नहीं आते हैं। शुक्रवार को शहर में टाउनहॉल ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइन किनारे जाते समय मालगाड़ी की चपेट में आकर कांट की रहने वाली मां-बेटी की मौत हो गई थी। इस हादसे को हुए 24 घंटे भी नहीं गुजरे कि शनिवार को लोग फिर खुद को खतरे में डालकर रेलवे लाइन किनारे होकर गुजरते और बंद फाटक पार करते नजर आए। रेलवे और पुलिस प्रशासन ने भी इस हादसे को भुला दिया और पटरी पर चलने वालों को रोकने के लिए कुछ नहीं किया गया। पेश है रिपोर्ट
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गोविंदगंज स्थित रेलवे क्रॉसिंग कई सालों से बंद है, इसके बावजूद यहां से निकलने वालों की संख्या कम नहीं है। शनिवार को दोपहर 12:58 बजे जब इस रेलवे क्रॉसिंग से मालगाड़ी गुजर रही थी। तब कई लोग साइकिल लेकर और पैदल ट्रैक को पार करते देखे गए। इसमें सिर्फ पुरुष ही नहीं महिला और छोटे बच्चे भी थे। इनको इस बाद का बिल्कुल भी खौफ नहीं था कि क्रॉसिंग पर पटरी को पार कर दूसरी ओर जाना हादसे का कारण बन सकता है।
शुक्रवार को टाउनहाल ओवर ब्रिज के नीचे मालगाड़ी की चपेट में आकर मां-बेटी की मौत हो गई थी। इसके बाद भी शनिवार को लोग रेलवे ट्रैक पर बिना किसी संकोच के गुजरते देखे गए। रोडवेज स्थित रेलवे क्रॉसिंग से टाउनहाल ओवर ब्रिज की तरफ रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे चलते चले जा रहे थे। ट्रैक के किनारे चल रहे एक व्यक्ति को जब टोका गया, तो उसने बात को अनसुना कर दिया और अपनी ही धुन में कचहरी जाने के लिए चलता चला गया। इस बीच मालगाड़ियां गुजरती रहीं।
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रोडवेज के पास स्थित होने के कारण इस रेलवे क्रॉसिंग से दिनभर लोगों को आना-जाना लगा रहता है। इसके बाद भी यहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए है। जिसकी वजह से आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। शनिवार को दोपहर में जब मालगाड़ी गुजर रही थी। तब लोग बंद रेलवे फाटक के अंदर खड़े होकर गाड़ी के गुजरने का इंतजार कर रहे थे। फाटक बंद होने पर भी आवागमन लगातार जारी रहा। जिनको रोकने वाला कोई नहीं दिखाई पड़ा।
इंद्रानगर कॉलोनी में रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के बावजूद लोगों को अपने वाहन नीचे से निकालते देखा गया। रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैक की सड़क उखड़ने के कारण गड्ढा हो गया था। इसको ठीक कराया जा रहा था। इस रेलवे क्रॉसिंग से भी दिनभर लोगों का आना-जाना रहता है। ऑफिसर्स कॉलोनी की ओर जाने वाले रास्ते पर स्थित इस क्रॉसिंग पर भी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं रहते, जबकि क्रॉसिंग से लेकर खन्नौत नदी के ऊपर बने रेलवे ओवरब्रिज के बीच हादसे होते रहते हैं।
रेलवे क्रॉसिंग पर गेटमैन की जिम्मेदारी होती है कि बंद फाटक के नीचे से कोई न निकले। अगर कोई उसकी बात नहीं मानता है, तो पुलिस को सूचना देनी चाहिए। वहीं जागरूकता की कमी के कारण लोग रेलवे ट्रैक पर गुजरते रहते हैं, जबकि आरपीएफ की ओर से समय-समय पर जनजागरुकता कार्यक्रम चलाया जाता है। - एसडी मीणा, कंपनी कमांडेंट आरपीएफ
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