शाहजहांपुर। पांच माह पहले कोर्ट के आदेश पर जिस महिला की हत्या कर शव गायब कर देने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, वह कांट के गांव भितिया पौंहकी में पति के साथ रह रही है। पुलिस ने बुधवार को उसे खोज निकाला और उसके बयान दर्ज कर विवेचना पूरी कर ली। अब पुलिस महिला के बयानों की सीडी कोर्ट में पेश करेगी।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अजीजगंज निवासी रेनू पत्नी सुरेंद्र ने कोर्ट के आदेश पर 17 अप्रैल, 2019 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन संतोषी देवी की एमनजई जलालनगर निवासी चाचा सुरेंद्र ने हत्या कर दी है और शव कहीं गायब कर दिया है। रेनू ने कोर्ट को बताया था कि संतोषी की पिता अशोक की मृत्यु हो जाने पर मृतक आश्रित कोटे में रेलवे में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी मिल गई थी। वह थाना सदर कोतवाली के मोहल्ला एमनजई जलालनगर में चाचा सुरेंद्र कुमार के साथ रहती थी। रेनू का आरोप था कि चाचा ने संतोषी की रुपयों के लालच में हत्या कर दी है। मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचना इंस्पेक्टर को सौंपी गई। इंस्पेक्टर किरनपाल सिंह ने विवेचना की शुरूआत करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की। जब पुलिस आरोपी तक पहुंची और मामले में जानकारी की तो पता चला कि जिस संतोषी की हत्या की बात कही जा रही है, वह थाना कांट क्षेत्र के गांव भितिया पौंहकी में अपने पति अवनीश के साथ रह रही है। इंस्पेक्टर पौंहकी गांव में संतोषी के घर पहुंचे। संतोषी से पूछताछ की। घर-परिवार और रिश्तेदारों के बारे में जानकारी लेकर पुलिस संतुष्ट हो गई कि यह वही संतोषी है, जिसकी हत्या कर शव गायब कर देने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि रेनू की अपने चाचा से दस वर्ष से बोलचाल बंद थी। चाचा ने ही संतोषी की शादी अवनीश के साथ की थी। वह छह माह से नौकरी से अनुपस्थित चल रही है।
अप्रैल माह में महिला की हत्या कर शव गायब कर देने की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पता चला कि महिला की हत्या नहीं की गई थी, बल्कि वह अपने पति के साथ कांट के गांव भितिया पौंहकी में रह रही है। महिला के बयान दर्ज कर लिए गए है। सीडी बनाकर कोर्ट में दाखिल की जाएगा, ताकि झूठा मुकदमा समाप्त किया जा सके। - किरनपाल सिंह, इंस्पेक्टर सदर कोतवाली