रंजीत का शव गांव पहुंचने पर रोती बिलखते परिजन। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। हापुड़ हादसे में दम तोड़ने वाले रंजीत का शव सोमवार रात करीब ढाई बजे उसके गांव सिकंदरपुर अफगनान पहुंचा। शव घर पहुंचते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। मंगलवार को कोलाघाट पुल पर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। बड़े भाई अहिबरन ने चिता को मुखाग्नि दी।
रंजीत (22) गांव सिकंदरपुर अफगनान के रहने वाले रामपाल का बेटा था। हापुड़ में अवैध रूप से संचालित फैक्टरी में हुए विस्फोट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। भट्ठे पर मजदूरी करने वाला रंजीत एक पहचान के व्यक्ति के कहने पर आठ दिन पहले ही उस फैक्टरी में काम करने गया था। पहचान में देरी होने के कारण सोमवार रात घरवाले शव लेकर गांव लौट पाए।
बेटे की मौत से बदहवास रामपाल बोले कि उसे क्या पता था कि नौकरी नहीं रंजीत की मौत वहां उसका इंतजार कर रही है। अंत्येष्टि के वक्त घाट पर तहसीलदार चमन सिंह, थाना प्रभारी जयशंकर के अलावा बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे। हापुड़ में हुए हादसे में जिले के 11 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है। दस लोग केवल कांट के भंडेरी गांव के रहने वाले हैं।