कलान। विक्रमपुर गांव में शनिवार को हुए अग्निकांड में पूर्व प्रधान मुन्नी देवी 65, गंगा देवी 59, नीलम 30 और वंदना 22 की झुलसने से मौत हो गई थी। हादसे में आलोक यादव, बुआ मनोरमा और एक अन्य झुलस गए थे। रविवार को मृतकों के शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विक्रमपुर गांव की प्रधान गुड्डी देवी की बेटी सोनाक्षी की शादी समारोह से एक दिन पहले यह हादसा हुआ था। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान लेने के बाद रात में ही चारों शवों को वाहन के जरिये पोस्टमार्टम हाउस लाया गया। सुबह चार बजे उनका पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को परिजन के सुपुर्द कर दिया गया। मुन्नी देवी के शव का विक्रमपुर गांव पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। जिस जगह पर बरात आना थी, वहीं, पर दुल्हन की दादी का शव पहुंचा तो भी रोने-बिलखने लगे। अंतिम दर्शन के बाद मुन्नी देवी के शव का अटेना घाट बदायूं में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
आदेश की बिखर गईं गृहस्थी
कलान के जल्लापुर निवासी आदेश की रेता-बजरी की दुकान है। उनकी खेती-बाड़ी भी काफी है। छह साल पहले ही उनकी शादी नीलम के साथ हुई थी। उनका एक चार साल का बेटा भी है। दंपती की जिंदगी में सब ठीक चल रहा था, लेकिन अग्निकांड में नीलम की मौत के बाद उनकी गृहस्थी उजड़ गईं। मिर्जापुर के ढाई घाट पर नीलम की अंत्येष्टि कर दी गई।
सादे समारोह में हुई सोनाक्षी की शादी
अग्निकांड के बाद प्रधान गुड्डी देवी की बेटी सोनाक्षी की शादी अब सादा समारोह में की जाएगी। उसकी बरात एटा के जैथरा गांव से आनी है। हादसे के बाद परिजन ने विवाह कार्यक्रम को टाला नहीं है, बल्कि सोनाक्षी की दादी मुन्नी देवी के अंतिम संस्कार के बाद दसवां भी कर दिया गया। सोनाक्षी के चाचा ओमवीर ने बताया कि बरात का कार्यक्रम निरस्त नहीं होगा, बल्कि सादे समारोह में रविवार को होगा।
भांजी की बरात में गईं थी दादी-पौत्री, लौटे उनके शव
अल्हागंज। हादसे में अल्लाहगंज क्षेत्र के गांव फतेहपुर की गंगा देवी (59) व उनकी पौत्री वंदना यादव (22) की झुलसने से मौत हो गईं। रविवार सुबह दोनों के शवों का अंतिम संस्कार पांचाल गंगा तट (फर्रुखाबाद) में कर दिया गया।
गांव निवासी शेर सिंह यादव की भांजी सोनाक्षी की बरात रविवार को आनी थी। शेर सिंह, उनकी मां गंगा देवी और बेटी वंदना शनिवार को विक्रमपुर पहुंच गए थे। शेर सिंह के मुताबिक, गैस सिलिंडर लीक होने से दूसरी जल रही भट्ठी से आग पकड़ ली। आग से झुलसने से उनकी मां गंगा देवी और बेटी वंदना की मौत हो गई। शेर सिंह ने दोनों के शवों को मुखाग्नि दी। वंदना कक्षा नौ की छात्रा थी। संवाद