पुवायां क्षेत्र के गांव बेला छेदा मेें रामलड़ैते और उनकी पत्नी प्रभा देवी की हत्या के मामले में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार नहीं किए जाने के विरोध में मृतक के भाई शिवशंकर और परिवार के अन्य लोगों ने सोमवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। इस बाबत डीएम के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि पुलिस ने केवल एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य नामजद आरोपियों को सत्ता पक्ष के एक नेता के दबाव में पकड़ने से कतरा रही है।
यह है पूरा मामला
गांव बेला छेदा निवासी रामलड़ैते और उनकी पत्नी प्रभा देवी की गत 28 अप्रैल की रात पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने घर में घुसकर गोली मारकर और बांका प्रहार करके हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई शिवशंकर ने लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी थानांतर्गत गांव अटसार निवासी ओमप्रकाश और आनंद प्रकाश पुत्रगण रामसागर, अवनीश पुत्र आनंद प्रकाश, आदित्य पुत्र ओम प्रकाश और गांव बेलाछेदा निवासी वीरेंद्र कुमार, राम बिहारी और सुआलाल के खिलाफ पुवायां कोतवाली में धारा 147, 148, 149, 307, 452 और 302 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसलिए भड़का मृतक के परिवार का गुस्सा
डबल मर्डर के संगीन मामले में पुलिस ने केवल अवनीश को गिरफ्तार करके जेल भेजा और बाकी अभियुक्तों को फरार बताकर उनकी गिरफ्तारी नहीं की। इस बीच, पीड़ित परिवार को पता चला कि पुवायां में सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर पुलिस विवेचना के बहाने शेष अभियुक्तों का बचाव करके उन्हें मुकदमे से बाहर निकालना चाहती है। इस पर शिवशंकर ने एसपी से भेंट की। कोई नतीजा नहीं निकलने पर 20 जून को डीआईजी के समक्ष उपस्थित होकर फरियाद की। इसके बावजूद पुलिस और मुल्जिमानों ने पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया।
तीन मुल्जिमों को हो चुकी आजीवन कारावास सजा
डीएम के नाम दिए ज्ञापन में शिवशंकर ने कहा है कि अभियुक्त वीरेंद्र, राम बिहारी और सुआलाल को हत्या के दो अन्य मुकदमों में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। इन सभी पर कई न्यायालयों में मारपीट और गैंगस्टर के मुकदमे विचाराधीन हैं। यह सभी उनकी और गांव के अन्य कई अन्य लोगों की हत्या की फिराक में घूम रहे हैं। इसकी जानकारी पुवायां पुलिस को भी है। अभियुक्तों को जल्दी गिरफ्तार नहीें किया गया तो वे फिर किसी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। धरना में गौरीशंकर, श्रीकांत, शिवा, जूली, अंजली, रामसागर, राधेश्याम आदि शामिल रहे।