भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लगातार बढ़ती महंगाई और अन्य समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सरकार से ठोस पहल कराने की मांग की।
धरना स्थल पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भाकपा की जिला कमेटी के सह सचिव राम शंकर लाल ने कहा कि केंद्र सरकार की आम जन विरोधी नीतियां सिर्फ कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचा रही हैं। सरकार की इन्हीं नीतियों के कारण महंगाई ने अभूतपूर्व छलांग लगाई, जिससे न केवल गरीब तबका बल्कि मध्यवर्गीय परिवार भी रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी होने से परेशान हैं। जिला मंत्री मोहम्मद सलीम ने कहा कि स्वदेशी की बात करने वाले आरएसएस के इशारे पर भाजपा सरकार ने संवेदनशील रक्षा क्षेत्र से लेकर मेडीसिन सेक्टर तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की इजाजत देकर देश के उद्योग, व्यापार, कृषि और चिकित्सा क्षेत्र को हानि का रास्ता खोल दिया है। राज्य कौंसिल के सदस्य सुरेश कुमार ने बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं पर बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में महंगाई और अपराधों को नियंत्रित किए जाने, एफडीआई को वापस लेने पर पुनर्विचार करने, शिक्षा का राष्ट्रीयकरण करके उसे सभी के लिए सुलभ बनाने, दलित उत्पीड़न की घटनाओं पर कड़ाई सें अंकुश लगाए जाने आदि मांगों का उल्लेख किया गया है। धरना-प्रदर्शन में जगदीश प्रसाद, राजेश कुमार, उमेश कुमार, बिलकीस बेगम, मो. हनीफ, बटेश्वर दयाल, रामदीन, रामभजन, पद्मावती, इलायची देवी, चंद्र प्रकाश, रजनीश कुमार, रामनाथ वर्मा आदि शामिल रहे।