शाहजहांपुर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश/अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि नंदा ने दुष्कर्म के एक दोषी को दस वर्ष कारावास की सजा से दंडित किया है। दोषी पर 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
सरकारी वकील राजीव अवस्थी और दिलीप चौहान ने बताया कि 31 अक्तूबर, 2019 को थाना तिलहर में क्षेत्र के एक मोहल्ले के रहने वाले व्यक्ति ने तहरीर दी थी कि 30 अक्तूबर दोपहर करीब ढाई बजे वह अपने दूसरे मकान में था। तभी उसके मोहल्ले का रहने वाला कमल शर्मा उसकी 16 वर्षीय बेटी को लेकर चला गया। मां के पूछने पर बेटी ने बताया था कि कमल उसे पिता के दूसरे मकान में ले जा रहा है। पिता ने बेटी को तलाशा तो पता चला कि कमल भी घर पर नहीं है।
लोगों ने बताया कि कमल उसकी बेटी को लेकर स्टेशन की ओर गया है। नाबालिग बेटी का कुछ पता नहीं चल सका। पिता की तहरीर पर तिलहर थाने की पुलिस ने कमल के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366, 376 व पॉक्सो अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय विशेष न्यायाधीश/अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि नंदा ने कमल शर्मा को दस साल के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।