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Shahjahanpur News: पंखे में उतरे करंट से दंपती की मौत

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जलालाबाद के गांव कसारी में अमर और कुसुमा के पांच बच्चे। संवाद - फोटो : shiv tripathi
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। कसारी गांव में शुक्रवार रात फर्राटा (पैडेस्टल) पंखे में उतरे करंट से एक दंपती की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक रात दस बजे पंखा चारपाई पर गिर गया। इससे अमर सिंह (40) व कुसुमा देवी (37) की मौत हो गई।
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रात नौ बजे खाना खाने के बाद पति-पत्नी कमरे में चले गए जबकि उनके पांच बच्चे कमरे के सामने पड़े छप्पर के नीचे लेट गए। उस दौरान दंपती का बड़ा बेटा नितिन पिता के मोबाइल पर गेम खेल रहा था। नितिन ने बताया कि बिजली आने पर पंखा चलने लगा। कुछ देर बाद पंखे के गिरने की आवाज के साथ पिता की चीख सुनाई दी तो वह घबराकर रोने लगा। नितिन के रोने की आवाज सुनकर उसकी ताई सोनी वहां पहुंच गईं। सोनी ने बताया कि कमरे में अमर सिंह और कुसुमा लोहे की पाइप वाली चारपाई पर पड़े हुए थे। उन्होंने कुसुमा को उठाने का प्रयास किया। इसी दौरान उन्हें भी झटका लगा। तभी लाइट चली गई। इसके बाद वहां अन्य परिजन पहुंच गए। अमर सिंह पत्नी कुसुमा देवी और पांच बच्चों के साथ राजस्थान में रहते थे। वहां वह एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। दस दिन पहले ही वह परिवार के साथ गांव आए थे। हादसे की सूचना पर पुलिस गांव पहुंच गई। उन्होंने घरवालों की मदद से दंपती को सीएचसी पहुंचाया। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। एसपी सौरभ दीक्षित ने कहा कि प्रथमदृष्टया जांच में पंखे से करंट लगने से मौत की बात सामने आई है। संवाद
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पांच बच्चों के सिर से उठ गया माता-पिता का साया
जलालाबाद (शाहजहांपुर)। दंपती की मौत से उनके पांच बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। उनका सबसे बड़ा बेटा नितिन 12 साल का है। उससे छोटा विवेक 10 साल, शोभित नौ साल, बेटी आरुषि सात साल और सबसे छोटी बेटी संध्या पांच वर्ष की है। हादसे ने एक ही झटके में उन्हें अनाथ बना दिया है। अब परिवार के अन्य सदस्य इन बच्चों की परवरिश को लेकर फिक्रमंद हैं।
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बता दें कि सिकदार की मौत के बाद उनके पांचों बेटे आसपास अलग-अलग मकान बनाकर रहते हैं। अमर सिंह के पास उनके हिस्से की खेती योग्य करीब ढाई तीन बीघा जमीन थी। नदी के किनारे होने के कारण इस जमीन में पैदावार बहुत कम हो पाती थी। इसीलिए कई साल पहले अमर सिंह परिवार सहित राजस्थान जाकर ईंट भट्ठे पर काम करने लगे।
उनके भाई प्रेमचंद्र ने बताया कि वे सभी लोग मजदूरी करके किसी तरह अपने परिवार चला रहे हैं। अमर की 80 वर्षीय मां अक्सर बीमार रहने के कारण पुत्रों पर आश्रित हैं।
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कमरे में कामचलाऊ बिजली वायरिंग... लटकते बोर्ड में लगा था पंखे का प्लग

पैडस्टर (फर्राटा) पंखा गिरने के कारण करंट लगने से दंपती की मौत के मामले में बिजली वायरिंग के कामचलाऊ होने से हादसे का अंदेशा जताया जा रहा है।
छोटे से जिस कमरे में हादसा हुआ, वहां वायरिंग की फिटिंग नहीं कराई गई थी। अमर सिंह ने पूरे घर में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कामचलाऊ तरीके से बिजली के तार डाल रखे थे। हादसे वाले कमरे में लटकते बिजली के बोर्ड में फर्राटा पंखा का प्लग लगा था। कमरे में टिन का एक बक्सा और उससे सटी लोहे के पाइप वाली एक चारपाई भी पड़ी थी।


अमर सिंह की भाभी सीमा सहित अन्य घरवालों का अनुमान है रात करीब दस बजे फर्राटा (पंखा) असंतुलित होकर चारपाई पर लेटे दंपती पर गिर गया। बच्चों का रोना सुनकर उनकी ताई सोनी भागती हुई कमरे में पहुंची तो वहां उन्हें पंखे का एक हिस्सा चारपाई पर और दूसरा नीचे जमीन पर पड़ा मिला।

करंट की चपेट में आकर दंपती की मौत की सूचना मिलने पर जांच के लिए कसारी क्षेत्र के लेखपाल को मौके पर भेजा गया है। यदि दंपती के पास खेती योग्य भूमि होगी तो उनके आश्रित बच्चों को प्रदेश सरकार की कृषक दुर्घटना बीमा योजना से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।

-प्रभात राय, एसडीएम, जलालाबाद

जलालाबाद के गांव कसारी में अमर और कुसुमा के पांच बच्चे। संवाद- फोटो : shiv tripathi

जलालाबाद के गांव कसारी में अमर और कुसुमा के पांच बच्चे। संवाद- फोटो : shiv tripathi

जलालाबाद के गांव कसारी में अमर और कुसुमा के पांच बच्चे। संवाद- फोटो : shiv tripathi

जलालाबाद के गांव कसारी में अमर और कुसुमा के पांच बच्चे। संवाद- फोटो : shiv tripathi

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