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एआरटीओ कार्यालय में बरेली विजिलेंस की टीम पहुंची, कर्मचारियों के बयान दर्ज किए

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शाहजहांपुर। भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद एआरटीओ कार्यालय में बरेली विजिलेंस टीम ने छापा मारकर आरआई समेत 20 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में विजिलेंस टीम सोमवार को भी आरटीओ ऑफिस पहुंची। जहां अभिलेखों की जांच के साथ ही कर्मचारियों के बयान लिए गए। वहीं एआरटीओ प्रशासन भी पूछताछ हो सकती है, हालांकि वह अभी कोरोना पॉजिटिव होने की वजह से कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
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उप संभागीय कार्यालय (आरटीओ) में फैले भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार की जा रही थी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंच के प्रदेश अध्यक्ष विशेश्वर नाथ हांडा की ओर से मुख्यमंत्री को ट्वीट कर शिकायत की गई थी। मुख्यमंत्री के साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री को भी ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने लाइसेंस, वाहन स्थानांतरण व पंजीकरण कार्य कराने में आने वाली मुश्किलों से अवगत कराया। यह भी बताया गया कि आरटीओ ऑफिस में अधिकतर नेटवर्क की समस्या रहती है। कर्मचारियों द्वारा प्राइवेट लोगों को रखने और सुविधा शुल्क वसूले जाने का आरोप लगाया गया। जिसका संज्ञान लेकर लखनऊ और बरेली की सतर्कता अधिष्ठान की संयुक्त टीम दस सितंबर को उप संभागीय परिवहन कार्यालय पहुंची और छापा मारकर चार लाख रुपये नकद बरामद किए। भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त क्षेत्रीय निरीक्षक व मुख्य लिपिक समेत 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में 20 लोगों को छोड़ दिए गए। इसके बाद से आरआई और मुख्य लिपिक जेल में हैं और मामले की जांच लगातार जारी है। इसी जांच के क्रम में सोमवार को भी विजिलेंस की टीम एआरटीओ कार्यालय पर धमकी और पत्रावलियों को चेक करने के साथ ही कर्मचारियों के बयान भी लिए गए।
कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद एआरटीओ प्रशासन गायब
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर विजिलेंस टीम की छापेमारी के बाद से ही एआरटीओ प्रशासन महेंद्र कुमार कार्यालय नहीं आ रहे हैं। कार्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने के कारण एआरटीओ प्रशासन कार्यालय नहीं आ रहे है। जबकि छापेमार कार्रवाई को 18 दिन पूरे हो चुके हैं। बताया जाता है कि एआरटीओ प्रशासन की ओर से विजिलेंस टीम को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट भी नहीं दिखाई गई है। जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। इसको लेकर उनसे भी पूछताछ हो सकती है।
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विजिलेंस टीम द्वारा सोमवार को एआरटीओ कार्यालय में पत्रावलियों का अवलोकन किया गया है, इसके साथ ही कर्मचारियों के बयान भी लिए गए। इसके अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एआरटीओ प्रशासन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद वह कार्यालय नहीं आ रहे हैं।
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- मनोज कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन
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