फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहजहांपुर: नगर निगम की बैठक का पार्षदों ने किया बहिष्कार, अफसरों पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

Sat, 23 Sep 2023 04:38 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

नगर निगम के 60 में से तकरीबन 46 पार्षद बैठक छोड़कर एक होटल में जाकर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। 
विज्ञापन
विकास भवन के सभागार में हुई नगर निगम की बैठक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शाहजहांपुर में नगर निगम की दूसरी बोर्ड बैठक शनिवार को विकास भवन के सभागार में हुई। इसमें 10 प्रस्ताव रखे गए। जिन पर विचार विमर्श के बाद उन्हें पास कराया गया। इस दौरान अधिकांश पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उनका आरोप था कि नगर निगम के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और उनकी एक नहीं सुनते है। वार्डों में जनहित के कोई कार्य नहीं हो रहे।

विज्ञापन


महापौर अर्चना वर्मा की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक शुरू हुई। इसमें उप सभापति के रूप में वेदप्रकाश मौर्या का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इसके साथ ही कर निर्धारण अधिकारी भूपेंद्र सिंह का कार्यकाल दो वर्ष बढ़ाए जाने, पार्षदों को सीयूजी नंबर मोबाइल सहित निगम निधि से उपलब्ध कराने, 169.62 करोड़ रुपये की विकास योजना के कार्य कराए जाने, संपत्तिकर के एकमुश्त समाधान योजना को लागू करने, 10 लाख से नीचे के कार्यों में ई-टेंडर की प्रक्रिया को समाप्त किए जाने का प्रस्ताव पास हुआ। 

ये भी पढ़ें- यूपी: माफिया अशरफ के गुर्गे आतिन ने खोले कई राज, उमेशपाल हत्याकांड के बाद असद को भगाने में की थी मदद
विज्ञापन


राजस्व बढ़ाने के लिए पुनरीक्षण कराए जाने, राज्य स्मार्ट सिटी व अन्य प्रस्ताव, फीकल स्लज एवं सेप्टिक टैंक मैनेजमेंट के लिए उपविधि का प्रस्ताव अग्रसारित किया गया। मोहल्ला समिति के माध्यम से विकेंद्रीयकृत कूड़ा प्रबंधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। बैठक में प्रमुख रूप से उप सभापति वेदप्रकाश मौर्या, नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, अपर नगर आयुक्त एसके सिंह, सहायक नगर आयुक्त रश्मि भारती, पार्षद दिवाकर मिश्रा, शब्बन अली, जगदीश सिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन

बैठक छोड़कर होटल में बैठे रहे पार्षद

नगर निगम के 60 में से तकरीबन 46 पार्षद बैठक छोड़कर एक होटल में जाकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करने या फोटो खिंचाने से मना कर दिया। उन्होंने अपने फोन भी स्विच आफ कर लिए। पार्षदों का कहना था कि अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। जनहित का कोई काम नहीं हो पा रहा है। शाम तक पार्षद होटल में ही थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें