शाहजहांपुर। इटावा जिले मेें औरैया के पास ट्रक पलटने से हुए हादसे मेें घरों को लौट रहे मजदूरों की मौत के मामले को प्रदेश सरकार द्वारा गंभीरता से लिए जाने के बाद प्रशासन हाईवे पर मजदूरों के घरों की ओर पैदल मार्च को लेकर सतर्क हो गया है। शासन के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों ने जिले की सीमा में नेशनल और स्टेट हाईवे पर गुजरने वाले ट्रकों और मिनी ट्रकों की जांच शुरू कर दी है ताकि उनमें सामान के अलावा अन्य कोई बैठने नहीं पाए। इसके साथ ही अन्य राज्यों से पलायन कर रहे हाईवे पर पैदल जा रहे प्रवासी मजदूरों को रोककर उन्हें उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए डीएम इन्द्र विक्रम सिंह ने 15 प्राइवेट बसेें अधिग्रहीत कर ली हैं।
बता दें कि बाहर से जिले में आने वाले प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार के सदस्यों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद होम क्वारंटीन के लिए घरों तक भेजने को परिवहन निगम के स्थानीय डिपो की 50-60 बसेें पहले से लगी हैं। जिन लोगों में कोरोना जैसे लक्षण दिख रहे हैं, उनके सैंपल की जांच रिपोर्ट आने तक उन्हेें घर से अलग रखकर क्वारंटीन कराने को शेल्टर होम भेजने में भी रोडवेज बसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकेे बावजूद अन्य शहरों के तमाम प्रवासी मजदूरों के जत्थे प्राइवेट वाहनों से जिले की सीमा मेें नेशनल हाईवे से गुजर रहे हैं। औरैया में शनिवार तड़के मजदूरों को ले जा रहा ट्रक पलटने से भीषण हादसा होने के बाद इस तरह की दुर्घटना का दोहराव रोकने के लिए एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने जिले की सीमाओं पर गुजरने वाले वाहनों की चेकिंग शुरू करा दी है।
शनिवार को दोपहर डीएम और एसपी ने बरेली मोड़ जाकर नेशनल हाईवे से गुजरने वाले ट्रैफिक का जायजा लिया। इस दौरान वहां तैनात पुलिस पिकेट को अधिकारियों ने ऐसे सभी मालवाहक वाहनों को रोकने के निर्देश दिए, जिनमें सामान के साथ अन्य लोग बैठे दिखाई दें। खास यह है कि लॉकडाउन में सामान से ओवरलोड ट्रक भी हाईवे से गुजर रहे हैं, लेकिन उन्हें नहीं रोका जा रहा। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि ऐसे वाहनों पर सवार अन्य जनपदों के लोगों को जांच के बाद उनके घरों तक भिजवाने के लिए रोडवेज बसों के अतिरिक्त निजी बसें अधिग्रहीत की गई हैं।