निगोही (शाहजहांपुर)। बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। निगोही इलाके के छितेनी गांव में शुक्रवार रात बुखार से बच्ची जोया की मौत हो गई थी। इसके 12 घंटे बाद शनिवार सुबह बच्ची मां की भी बुखार से मौत हो गई। अभी गांव में सैकड़ों लोग बीमार हैं। मां-बेटी की मौत से गांव वाले दहशत में हैं। वहीं निगोही के ढकिया तिवारी में युवक की खबर से मौत हो गई। शनिवार को छितेनी गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 66 लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए। 54 लोगों की मलेरिया जांच के लिए सैंपल लिया गया। टीमों ने चेकअप के साथ मरीजों को दवा भी वितरित की।
कोरोना संक्रमण के बीच बुखार फैलने से स्वास्थ्य विभाग की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। निगोही क्षेत्र में बुखार का ज्यादा प्रकोप है। निगोही इलाके के गांव छितेनी निवासी शाहिदा और उसकी पुत्री जोया को कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्हें पहले गांव में झोलाछाप को दिखाया गया। फायदा नहीं हुआ तो पड़ोस के ढकिया तिवारी गांव ले जाकर दिखाया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और शुक्रवार शाम जोया की मौत हो गई। रात में ही जोया की मां शाहिदा की तबियत ज्यादा बिगड़ गई। परिजन उसे शाहजहांपुर के एक निजी चिकित्सालय ले गए। जहां शनिवार सुबह करीब छह बजे जाहिदा ने दम तोड़ दिया। उसका शव घर ले जाया गया तो गांव में मातम पसर गया। मां-बेटी की मौत के गम में कई घरों में चूल्हे नहीं जले हैं। शनिवार दोपहर दो बजे मां-बेटी का जनाजा उठा तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। इधर, शनिवार को क्षेत्र के ही ढकिया तिवारी गांव में अशोक सिंह के 18 वर्षीय पुत्र विवेक सिंह की बुखार से मौत हो गई। विवेक को एक हफ्ते से बुखार था। परिवार वाले ने निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, मां बेटी की मौत का पता लगने के बाद शनिवार को निगोही सीएचसी प्रभारी डॉ. नितिन चौधरी दो टीमों के साथ छितेनी गांव जा पहुंचे। जहां बुखार से पीड़ित लोगों का सैंपल लेने के साथ दवाएं वितरित की गईं। इससे पहले निगोही इलाके के गांव मोहरतला में बुजुर्ग मंगली प्रसाद और ढकिया तिवारी गांव में दीपक की बुखार से मौत हो चुकी है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव ढकिया तिवारी पहुंची और बुखार पीड़ितों को दवाएं दीं।
जैतीपुर इलाके के 12 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि, 104 को बुखार
गांवों में पहुंची स्वास्थ्य टीमों ने कोरोना की जांच की, सैंपल लिए
जैतिपुर (शाहजहांपुर)। जैतीपुर इलाके के कई गांवों में बुखार फैला है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुखार के मरीजों के सैंपल लेकर जांच को भेजे थे। जांच रिपोर्ट में तीन गांवों के 12 लोगों को मलेरिया होने की पुष्टि हुई है। शनिवार को कुलुआबोझ गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुखार के मरीजों का चेकअप किया और दवाएं वितरित कीं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. लईक ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार गोगेपुर में छह, महोटा में चार और खमरिया गांव में दो मरीज मलेरिया के मिले हैं। सभी मरीजों को मलेरिया की दवाई दी गई है।
पिपरथरा, आलमपुर और कुलुआबोझ गाव में भी बुखार फैला है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जाकर बुखार के मरीजों का चेकअप किया। टीम ने आलमपुर में 71 मरीज देखे, जिनमें 30 मरीज बुखार के निकले। पिपरथरा में 61 मरीज देखे गए, जिनमें 30 मरीज बुखार के निकले। शाहजहांपुर से आई टीम ने कुलुआबोझ में 150 मरीज देखे, जिनमें 44 मरीजों को बुखार निकला। पिपरथरा और आलमपुर के सभी मरीजों की कोरोना और मलेरिया की जांच की गई। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। मलेरिया की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने पर हकीकत पता चलेगी। आलमपुर में डॉ. शरद और पिपरथरा में डॉ. अरुण यादव टीम के साथ रहे।
शनिवार को आलमपुर में 71 और पिपरथरा में 61 मरीज देखे गए। आलमपुर और पिपरथरा में 30-30 मरीज बुखार के देखे गए। उन सभी मरीजों की मलेरिया की जांच पीसीआर और एंटीजन टेस्ट किया गया। एंटीजन टेस्ट निगेटिव आई। सभी को दवा वितरित की गई है। मलेरिया की जांच बुखार के सभी मरीजों की कराई जा रही हैं। जांच में मरीजों को मलेरिया की पुष्टि होगी। बाकी लोगों को वायरल की दवा दी जा रही है। मलेरिया से बचाव के लिए फुल बाजू के कपड़े पहनें और मच्छरदानी लगाकर सोयें। घरों के आसपास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें।
डॉ. लईक अहमद, सीएचसी प्रभारी जैतीपुर