यूपी बोर्ड परीक्षा के लेकर डीएम-एसपी के कड़े तेवर
केंद्र व्यवस्थापकों को पूरी सुरक्षा देने का दिया भरोसा
कहा, जरूरत पड़ी तो दोषियों को जेल भी भेजेंगे
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा (यूपी बोर्ड परीक्षा) को नकलविहीन और शुचितापूर्ण कराने के लिए अधिकारियों ने कड़े तेवर दिखाए। गांधी भवन में केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में डीएम-एसपी ने शासन की मंशा से सभी अवगत कराते हुए कहा स्पष्ट किया कि वह किसी भी कीमत पर शिक्षा माफिया के मंसूबे कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे। अधिकारियों ने दो टूक कहा कि नकल नहीं होगी, मतलब नहीं होेगी।
डीएम कर्ण सिंह चौहान ने केंद्र व्यवस्थापकों से कहा कि परीक्षा उन्हें ही करानी है और नकलविहीन करानी है, इसलिए वह संकल्प और पूरी दृढ़ता के साथ शुचितापूर्ण और नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए तैयार रहें। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी केबी सिंह ने कहा कि नकल रोकने के लिए उन्हें जो कुछ भी करना पड़ेगा, वह पीछे नहीं हटेंगे। नकल कराने में संलिप्तता पाए जाने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों और माफिया को जेल भेजने तथा केंद्र को डिबार करने की कार्रवाई यदि करनी पड़ी तो वह भी होगी। इस मौके पर सीडीओ टीके शिबू, एडीएम वित्त एवं राजस्व सर्वेश कुमार और एडीएम प्रशासन जितेंद्र कुमार शर्मा ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए केंद्र व्यवस्थापकों का आह्वान किया कि वह बिना किसी भय के परीक्षा संपन्न कराएं। पूरा प्रशासनिक अमला उनके साथ है।
इससे पूर्व डीआईओएस डॉ. केेएल वर्मा ने बताया कि 16 मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में 137 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 81434 परीक्षार्थी शामिल होंगे। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों से नकलविहीन परीक्षा के लिए कमर कसने का आह्वान किया। डीआईओएस ने भरोसा दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी समस्या के निपटने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन हमारे साथ है। इसलिए भयमुक्त होकर परीक्षा संपन्न कराई जाए।
प्रधानाचार्य डॉ. केके शुक्ला के संचालन में हुई बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय, सभी एसडीएम, जीआईसी प्रधानाचार्य रणवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य और केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे।
सुपर जोनल, जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाए
यूपी बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन संपन्न कराने और शिक्षा व नकल माफिया पर नकेल कसने के लिए डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व और एडीएम प्रशासन को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, समस्त एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट और 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। साथ ही उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी केंद्रों पर कड़ी नजर रखें।