शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश रश्मि नंदा ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को बीस साल कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 42 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सरकारी वकील राजीव अवस्थी और दिलीप चौहान ने बताया कि जैतीपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने थाने पर मुकदमा दर्ज कराया था कि छह मई 2015 को उसकी नाबालिग बेटी शौच के लिए गई थी। तभी गांव का लालू वहां पर आ गया और उसने बेटी से दुष्कर्म का प्रयास किया। तभी भतीजी के शोर मचाने पर आरोपी भाग गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, आईपीसी की धारा 376, 506 आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। सरकारी वकील के तर्कों को सुनने के बाद और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने लालू उर्फ रजनेश को दोषी माना। अदालत ने उसे 20 वर्ष की सजा व 42 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।