खुदागंज। म्यूना गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथा व्यास पंडित शैलेंद्र मिश्रा ने भक्त प्रह्लाद के चरित्र का प्रसंग सुनाकर सभी को भगवान की निष्काम भक्ति में शक्ति का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि पिता हिरण्यकश्यप के अत्याचारों के बाद भी बालक प्रह्लाद भगवान विष्णु की भक्ति के प्रति अडिग बना रहा। जब प्रह्लाद को खंभे से बांधा गया तो भगवान नृसिंह का अवतार लेकर प्रकट हुए और उसकी रक्षा की। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में ही शक्ति है जो भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में आ जाते हैं। कथा श्रवण में परीक्षित बने कल्लू सिंह, सुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, सचिन कुमार, पवन सिंह आदि शामिल रहे। संवाद