श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को शासन से उनके हित में लागू विभिन्न योजनाओं की जानकारी और लाभ दिलाने के लिए डीएम द्वारा बनाए गए समर्थ सॉफ्टवेयर की खूबियां बताने के लिए बुधवार को लोधीपुर के गन्ना शोध संस्थान सभागार में कार्यशाला हुई। इसमें श्रमिकों को डीएम शुभ्रा सक्सेना और श्रम विभाग के अधिकारियों ने सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की विधि और उसकी उपयोगिता समझाई।
डीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों से जुड़े असंगठित क्षेत्र के श्रमिक सबसे संवेदनशील वर्गों में से एक हैं। उनकी बुनियादी जरूरतों की तुलना में कल्याणकारी सुविधाएं बहुत कम हैं। इसीलिए प्रदेश सरकार ने ऐसे श्रमिकों के कल्याण और उनके उत्थान के लिए अनेक योजनाएं भी चला रखी हैं, लेकिन उनकी पूरी जानकारी नहीं होने से श्रमिक उनका लाभ नहीं उठा पा रहे। श्रमिकों की इसी कठिनाई को दूर करने के लिए तैयार किया गया समर्थ सॉफ्टवेयर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में लागू किया है। एनआईसी के माध्यम से तैयार किए गए इस सॉफ्टवेयर से ऑनलाइन पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार बोर्ड की योजनाओं के संबंध में एसएमएस के जरिये जानकारियों का आदान-प्रदान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वयं को किसी योजना का पात्र पाए जाने पर श्रमिक स्वयं टोल फ्री नंबर 1800-2000-545 डायल करके श्रम विभाग के कंप्यूटर में अपना विवरण दर्ज करा सकेंगे।
प्रभारी सीडीओ पीपी त्रिपाठी ने सॉफ्टवेयर को बहु उपयोगी बताते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरेगा में 50 दिन काम करने वाले श्रमिकों का श्रम विभाग में पंजीकरण कराएं, जिससे कि उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।
प्रारंभ में सहायक श्रमायुक्त नदीम अहमद ने विभाग से संचालित विभिन्न योजनाओं का विवरण दिया। सॉफ्टवेयर तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले जिला सूचना विज्ञान अधिकारी राजीव सक्सेना और अंचल श्रीवास्तव ने सॉफ्टवेयर से संबंधित जानकारियां दीं। कार्यशाला में एडीएम प्रशासन मुनेंद्र नाथ उपाध्याय, एडीएम वित्त एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव, सभी एसडीएम, डीआरडीए के परियोजना निदेशक, खंड विकास अधिकारी आदि उपस्थित रहे।