जलालाबाद में कोलाघाट पुल पर काम करती जेसीबी। संवाद
जलालाबाद। बरसात और बाढ़ निपटने के बाद रामगंगा और बहगुल नदियों पर कोलाघाट के नए पुल निर्माण के कार्य ने तेजी पकड़ ली है। पुल निर्माण में लगी कंपनी नौ माह की अवधि में निर्माण संबंधी करीब आधा काम पूरा कर चुकी है।
जरीनपुर और जलालाबाद के बीच रामगंगा और बहगुल नदियों पर 1802 मीटर लंबे डबल लेन वाले कोलाघाट का नया पुल निर्माणाधीन है। प्रदेश सरकार ने बीते साल सितंबर में नए पुल निर्माण की स्वीकृति दी थी। 166 करोड़ 83 लाख 22 हजार रुपये की लागत वाले इस पुल का निर्माण सेतु निगम की देखरेख में बरेली की एनए इंस्ट्रक्चर जेवी कंपनी करवा रही है।
पुल का निर्माण बीते फरवरी महीने में शुरू किया गया था, जो नदियों में बाढ़ आने के कारण पिछले दो माह बाधित रहा। हालांकि, आपदा निपटते ही सितंबर के अंतिम सप्ताह से फिर से काम शुरू कर दिया गया। रामगंगा नदी पर प्रस्तावित पुल के एक पिलर को छोड़कर 45 पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं।
पिलर कैप और बीम बनाने का काम तेजी से चल रहा है, साथ ही नदी के बीच बनने वाले पुल को लेकर भी धार का रुख दूसरी तरफ मोड़ने के लिए रेत भरी बोरी आदि लगाने की कवायद भी की जा रही है।
इस पुल निर्माण में पाइल फाउंडेशन की नई तकनीक अपनाने के कारण निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। पौने दो किलोमीटर लंबाई वाले पुराने पुल में 59 पिलर थे, जबकि इतनी ही लंबाई का यह नया पुल इस नई तकनीक अपनाए जाने के कारण 46 पिलर पर टिका होगा। पुल को सड़क से जोड़ने के लिए दोनों ओर दो-दो सौ मीटर के प्रस्तावित दो एप्रोच रोड बनाने का काम भी साथ में चलाया जा रहा है। सेतु निगम के डीपीएम ब्रजेंद्र मौर्या ने बताया कि कार्य तेजी गति से करा रहे हैं। समय से कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य है।