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कांग्रेस प्रत्याशी के वाहन पकड़ने पर हंगामा, पुलिस पर रिश्वत मांगने का आरोप

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जलालाबाद में कांग्रेस प्रत्याशी की तीन गाड़ी को पुलिस ने किया सीज । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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जलालाबाद (शाहजहांपुर)। पुलिस ने बृहस्पतिवार को प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के वाहनों को पकड़ा तो मामला तूल पकड़ गया। प्रत्याशी गाड़ी छोड़ने के एवज में पुलिस पर रिश्वत लेने का आरोप लगाने लगीं और पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहीं हैं। शुक्रवार शाम थाने पहुंचे प्रत्याशी के पति को पुलिस ने गाड़ियां सौंप दीं।
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तीन फरवरी की दोपहर पुलिस ने चेकिंग के दौरान फर्रुखाबाद रोड पर तीन गाड़ियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार गाड़ियां कांग्रेस प्रत्याशी गुरमीत कौर की थीं, जिनके अनुमति संबंधी कागजात की छायाप्रति थी। पुलिस ने वाहनों को थाने में खड़ा कर लिया और मूल कॉपी दिखाने को कहा। देर शाम प्रत्याशी गुरमीत के पति चश्मपाल सिंह थाने पहुंचे। आरोप है कि मूल प्रति और छायाप्रति में अंतर होने पर पुलिस ने गाड़ी छोड़ने से मना कर दिया।
इस पर चश्मपाल सिंह की पुलिस से तकरार हो गई। पुलिस ने कागज सत्यापन के लिए एसडीएम के पास भेज दिए। प्रत्याशी पति का आरोप है कि पुलिस ने गाड़ियां छोड़ने के लिए एक लाख रुपये मांगे हैं। एक सिपाही को 55 हजार रुपये दे दिए गए। फिर भी गाड़ियां न छूटने पर बृहस्पतिवार देर रात चश्मपाल समर्थकों के साथ शाहजहांपुर पहुंचे और अधिकारियों से शिकायत के साथ प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। यहां कांग्रेस की विधानसभा प्रेक्षक अनामिका पहुंच गईं और उन्होंने पार्टी आलाकमान को मामले की जानकारी दी। शुक्रवार को सीओ मस्सा सिंह, थाना प्रभारी जयशंकर और चश्मपाल के बीच हुई वार्ता के बाद पुलिस ने गाड़ियों को रिलीज कर दिया।
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ओरिजनल कागजात न दिखाने पर प्रचार करती मिलीं तीन गाड़ियों को कोतवाली लाकर लावारिस रूप में दाखिल कर दिया था। कांग्रेस प्रत्याशी द्वारा अपनी गाड़ियां बताकर जो कागजात दिखाए गए उनमें भिन्नता पाए जाने पर उन्हें सत्यापन के लिए आरओ के पास भेजा है। रिश्वत मांगने या लेने का आरोप निराधार है। - मस्सा सिंह, सीओ, जलालाबाद
-जलालाबाद में राजनीतिक पार्टी के वाहन के असली कागज मांगे गए थे। फोटोकॉपी और असली कागज में अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा था। सिपाही रनवीर सिंह पर रुपये मांगने का आरोप निराधार है। उसे थाने से हटाकर चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
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एस आनंद, एसपी
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