शाहजहांपुर। नवादा इंदेपुर की नई कॉलोनी में आयोजित गणेशोत्सव का बुधवार को गणेश मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की मूर्ति की विसर्जन यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल श्रद्धालु एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाते हुए उत्साह के साथ आगे बढ़े।
विसर्जन यात्रा केशवकुंज, राजकीय मेडिकल कॉलेज और अजीजगंज होते हुए गर्रा घाट स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पहुंची। यहां पंडित कृष्णमोहन मिश्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से गणेश मूर्ति का विसर्जन कराया। विसर्जन यात्रा में वसु मिश्रा, प्रदीप यादव, देवमणि दीक्षित, अर्पिता मिश्रा, शिवा, नैना, पाखी आदि श्रद्धालु शामिल रहे। संवाद
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रामकथा सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
पुवायां। गांव डूडा मुकीमपुर के बिलहा बाबा स्थान पर चल रही रामकथा में अयोध्या से आए कथा व्यास संतशरण त्रिपाठी ने रामजन्म का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं काे भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास ने सुनाया कि भगवान श्रीराम का जन्म संसार के कल्याण के लिए हुआ था। श्रीराम ने लोगों को सत्य की राह पर चलने की सीख दी और माता-पिता की आज्ञा का पालन करने, कठिन समय में भी धैर्य रखने के कारण उनको मर्यादा पुरुषोत्तम राम भी कहा जाता है।
सतयुग, त्रेता और द्वापर में जो फल कठिन तपस्या से मिलता था, वह कलियुग में राम का नाम लेने से ही मिल जाता है और भगवान के भक्त का कल्याण हो जाता है, इस कारण सभी लोगों को कुछ समय निकालकर भगवान के श्रीचरणों में समर्पित करना चहिए। कथा के बाद आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजन में आशीष मिश्रा, अंबरीष मिश्रा सहित कई लोगों का सहयोग रहा। संवाद
कलशयात्रा निकालकर हुआ रामकथा का शुभारंभ
अल्हागंज। नगर के प्रसिद्ध बारह पत्थर देवस्थान स्थित सीताराम मंदिर में आयोजित 11 दिवसीय श्रीराम कथा एवं संत समागम से पहले बृहस्पतिवार को भव्य कलशयात्रा निकाली गई। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं और हाथों में भगवा ध्वज लिए पुरुष श्रद्धालु जय श्रीराम के जयघोष के साथ यात्रा में शामिल हुए। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।
कलशयात्रा सुबह करीब नौ बजे विधायक मार्ग से शुरू होकर मुख्य बाजार, बरेली-फर्रुखाबाद राजमार्ग और बांध मार्ग से होते हुए बारह पत्थर देवस्थान पहुंची। यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा का समापन हुआ। कथा व्यास पंडित सत्यदेव द्विवेदी श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का श्रवण कराएंगे। कथा प्रतिदिन दोपहर दो से शाम छह बजे तक होगी, जबकि पूजन-पाठ सुबह सात से 11 बजे तक होगा। पांच अक्तूबर को यज्ञ-हवन और भंडारे के साथ आयोजन का समापन होगा। संजीव गुप्ता, शिवम गुप्ता, केके मिश्रा, राकेश चंद्र, राजकुमार गुप्ता, सरोज मिश्रा आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
डूडा मुकीमपुर में कथा सुनाते संतशरण त्रिपाठी। संवाद
डूडा मुकीमपुर में कथा सुनाते संतशरण त्रिपाठी। संवाद