त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव के तीसरे चरण में शनिवार को छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कुल मिलाकर मतदान शांति पूर्वक रहा। तिलहर ब्लाक के 92 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ लगने लगी। पुलिस व प्रशासन की टीमें मुस्तैदी से मतदान केंद्रों पर पेट्रोलिंग करती रहीं। इस दौरान डीएम शुभ्रा सक्सेना व पुलिस कप्तान बबलू कुमार ने क्षेत्र के अनेक मतदान केंद्रों का दौरा किया तथा अधीनस्थों को निर्देश दिए। हालांकि मतदान केंद्रों पर कब्जे की शिकायतों प्रत्याशियों के बीच झड़पों की शिकायतों को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म रहा।
क्षेत्र के गांव नवदिया जोधपुर और शिवदासपुर में प्रत्याशियों के बीच मतदान को लेकर छिटपुट झड़पें हुईं। प्रत्याशियों के साथ उनके समर्थक भी आमने-सामने आ गए। माहौल अशांत होने की आशंका की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर हालात को नियंत्रित किया। दूसरी ओर फतेहपुर गैसरा से बूथों का निरीक्षण कर लौट रहे एसपी बबलू कुमार ने मौहल्ला निजामगंज में एक जिला पंचायत प्रत्याशी के समर्थकों को आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाया तो दूर तक खदेड़ा। कप्तान को एक्शन में देखकर प्रत्याशी के समर्थक अपना गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकले।
बूथ कैप्चरिंग की शिकायत गलत निकली
तिलहर। पूर्व मंत्री कोविद कुमार सिंह द्वारा बराह मोहब्बत पुर में बूथ कैप्चर करने की शिकायत मिलने पर डीएम के निर्देश पर तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी व कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने दल बल के साथ गांव में छापा मारा किंतु सब कुछ ठीक ठाक मिला। गांव में कई जगह तलाशी लेने पर कोविद कुमार सिंह नहीं मिले। उधर, कुछ लोगों द्वारा पूर्व मंत्री कोविद कुमार सिंह और बीडीसी प्रत्याशी शक्ति कुमार सिंह पर ग्राम ढकिया रघा में गड़बड़ी का आरोप लगाया। जिस पर जोनल मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे, जोनल पुलिस अधिकारी विजय शंकर मिश्रा, तहसीलदार विजय त्रिवेदी व कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ गांव में फ्लैग मार्च किया तथा मतदान केंद्र का भी निरीक्षण किया लेकिन दोनों में से कोई भी नहीं मिला।
घूंघट की आड़ से बैलेट पर लगाया ठप्पा
तिलहर। मतदान के लिए महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाली युवतियों में खासा क्रेज रहा। नवविवाहितायें और युवतियों के साथ अनेक महिलाएं घूंघट काढ़ कर मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिये लालायित दिखीं। पारंपरिक वेषभूषा में घूंघट की ओट से सजी संवरी पारंपरिक आभूषण पहनें अनेक नवविवाहिताएं बैलेट पेपर पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के खाने में ठप्पा लगाती दिखीं।
बुड़हानपर में रही बच्चों में वोट डालने की होड़
तिलहर। पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में मतदान के दौरान चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ ग्राम बुड़हानपुर में प्राथमिक विद्यालय में वोटों की कतार में 14 साल से लेकर 17 साल तक के बच्चे वोट डालते मिले। मतदाता सूची में बच्चों के नाम शामिल होने के साथ साथ उनके आधार कार्ड भी पाए गए, जिसके अनुसार वे वोट डालने के लिये पात्र ही नहीं थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि वोटर सूची में नाम शामिल है और इसलिये आधार कार्ड लेकर वोट डालने आए हैं। जब पीठासीन अधिकारी को कोई ऐतराज नहीं है तो आपको क्या परेशानी है। इस पर कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने फर्जी अवयस्क वोटरों को दौड़ाते हुए डंडा फटकारा।
इसके बाद भी दर्जनों ऐसे स्कूली बच्चे वोट डालते पाए गए जिनकी आयु उनके आधार कार्ड में 18 साल से कम दर्ज थी। इस पर पुलिस ने बुढ़हानपुर के तस्दीक पुत्र आमीन, धनपाल पुत्र रामरतन, सलमान पुत्र कल्लू तथा महफूज पुत्र भूरे को हिरासत में ले लिया। बाद में खुशामत दरामद करने पर डांट फटकार कर भगा दिया। ग्राम बिरहाना में जीशान, हथगांव में शिवम पुत्र कृष्ण मुरारी, बिकन्नापुर में किशनपाल पुत्र श्रीपाल आदि बच्चे वोटर लिस्ट में नाम होने पर अंडरऐज होने के बावजूद वोट डाल गये। उधर, तहसीलदार विजय कुमार त्रिवेदी ने अंडरएज बच्चों के नाम मतदाता सूची में शामिल होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ग्राम प्रधान से जानकारी प्राप्त कर कहा कि मतदाता सूचियों की जांच कराकर संबंधित बीएलओ के खिलाफ एफआईआर एर्ज कराई जाएगी।
प्रधानी के वोट न पड़ने से उत्साह रहा कम
तिलहर। जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्यों के चुनाव के साथ प्रधान पद के लिये वोट न पड़ने से मतदाताओं का मतदान के प्रति उत्साह कम रहा तथा मतदान प्रतिशत भी कम रहा। मतदाताओं का कहना था कि एक साथ चुनाव होने से तीन तीन पद के प्रत्याशी अधिक से अधिक मतदान कराने के लिये प्रयत्नशील रहते हैं। इससे मतदान का प्रतिशत अच्छा रहता है। इस बार साथ में चुनाव न होने से मतदान की अधिक मारा मारी नहीं रहेगी।
डभौरा में बूथ के कब्जे की शिकायत पर पुलिस ने फटकारी लाठी
तिलहर। मतदान बंद होने से लगभग आधा घंटा पूर्व कुछ लोगों ने अधिकारियों से अतिसंवेदनशील प्लस केंद्र डभौरा पर कुछ लोगों द्वारा बूथ पर कब्जा करने की शिकायत की। जिस पर तहसीलदार विजय त्रिवेदी व कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ केंद्र पर पहुंचकर केंद्र के पास लगी भीड़ पर जमकर डंडे बाजी की तथा लगभग दो फर्लांग भीड़ को खदेड़ दिया। पुलिस व अधिकारियों के पहुंचते ही भगदड़ मच गई। बाद में तहसीलदार विजय त्रिवेदी ने बताया कि एक प्रत्याशी के परिवार की महिला का फर्जी वोट पड़ जाने पर पीठासीन अधिकारी से कहासुनी हो गई थी, जबकि केंद्र पर कब्जे की बात निराधार पाई गई।