अवधेश कुमार, गांव देवकली-बंडा। संवाद
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शाहजहांपुर। तहसीलों में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों को राहत नहीं मिल पा रही है। तमाम फरियादी कई बार चक्कर लगा चुके हैं। शनिवार को डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह को कलान तहसील जाना था लेकिन किन्हीं कारणों से वह नहीं पहुंच सके। एसडीएम कलान अभिषेक प्रताप सिंह ने जनसमस्याएं सुनीं। उनके सामने 71 शिकायतें आईं जिनमें छह का ही निस्तारण हो सका।
जलालाबाद में सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह सिनसिनवार की अध्यक्षता में समाधान दिवस में 12 शिकायतें दर्ज की गई, लेकिन उनमें से मौके पर केवल तीन मामलों का समाधान हो सका। तिलहर में लखोहा गांव की सोमवती ने अपनी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर दीवार बनाने की शिकायत की। भीम आर्मी एकता मिशन के तहसील संयोजक रंजीत सिंह ने कई कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर कटरा क्षेत्र के एक व्यक्ति के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में कार्रवाई की मांग की।
पुवायां में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे बंडा के गांव देवकली के सेवानिवृत्त लेखपाल 75 वर्षीय अवधेश कुमार अवस्थी सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने को वर्ष 2018 से तहसील, थाना और समाधान दिवस में चक्कर लगा रहे हैं।
अवधेश कुमार ने बताया कि देवकली से कमालपुर तक सड़क निर्माण के दौरान उनकी जमीन अधिग्रहीत कर ली गई थी, लेकिन आज तक मुआवजा नहीं दिया गया है।
जलालाबाद में समाधान दिवस में आईं नौगवां रौली बौरी गांव की पुष्पा देवी ने बताया कि उनके ससुर रामचरन का गत वर्ष 14 फरवरी को निधन हो गया था। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लगातार ब्लाॅक के चक्कर लगा रहीं हैं लेकिन सालभर से ज्यादा समय बीतने के बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिल सका।
अवधेश कुमार, गांव देवकली-बंडा। संवाद- फोटो : संवाद