पुवायां। सहकारी गन्ना विकास समिति पुवायां के गोदाम प्रभारी की तीन किसानों ने पिटाई करने के साथ ही उसके अभिलेख फाड़ डाले। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सहकारी गन्ना विकास समिति पुवायां की खाद गोदाम के प्रभारी प्रेमशंकर राजौरिया ने पुलिस को बताया कि 30 जून को दोपहर समिति की खाद गोदाम पर खाद का वितरण कर रहे थे। इस बीच गांव बसखेड़ा बुजुर्ग के किसान संदीप, निराले, अक्कू और कुछ अन्य लोग कर्ज के रूप में खाद लेने आए थे। उन्होंने किसानों से अभिलेखों पर हस्ताक्षर करने को कहा तो उक्त अपने हस्ताक्षर नहीं कर पिता प्रमोद कुमार सिंह के नाम खाद लेने के लिए हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर तीनों किसानों ने जातिसूचक गाली गलौज करना शुरू कर दिया और मारपीट कर दी। उक्त ने सरकारी अभिलेख भी फाड़ डाले। जान से मारने की धमकी भी दी गई। वह किसी तरह जान बचाकर मौके से भागे। अधिकारियों को सूचना देने के बाद उन्होंने बुधवार को पुलिस को तहरीर दी है।
उधर, जिला गन्ना अधिकारी ने डॉ. खुशीराम ने बताया कि जिले में गन्ना विकास विभाग के छह गोदाम हैं। गोदामों से खाद, बीज, दवाएं, सूक्ष्म पोषक तत्व, कृषि यंत्र आदि का वितरण किया जाता है। समितियों से छह सौ से अधिक गांवों के 90 हजार किसान जुड़े हुए हैं। खाद गोदाम प्रभारी को पीटने के कारण कर्मचारियों में भय का माहौल है। कोतवाली प्रभारी सुनील बहलावत ने बताया कि एक जुलाई को तहरीर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
गोदाम प्रभारी की ओर से कोतवाली में तहरीर दी गई है। मारपीट करने वाले किसानों को सदस्यता समाप्त करने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं।
डॉ. खुशीराम, जिला गन्ना अधिकारी