तिलहर/खुदागंज। ठंड की दस्तक के साथ ही मौसम में आए बदलाव का असर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। सुबह-शाम मौसम सर्द होने से सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मौसमी बीमारियों से ग्रस्त मरीज ज्यादा पहुंचे। इस दौरान 189 मरीजों का पंजीकरण करके उनमें से 39 मरीजों के रक्त के नमूनों की जांच कराई गई।
राजनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. अभिषेक जौहरी ने 58 मरीजों की जांच की। इनमें से 14 मरीजों में वायरल बुखार के लक्षण पाए जाने पर उनके खून के नमूने जांच को भेजे गए। डॉक्टर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार से कमजोरी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।
सुबह हल्का कोहरा छाने पर अस्थमा के मरीज भी बढ़ रहे हैं। कई बुजुर्गों ने सांस लेने में दिक्कत बताई, यह मौसम के प्रतिकूल प्रभाव का असर है। ऐसे सभी मरीजों को सुपाच्य और ताजा आहार लेने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरा में बाहर निकलते वक्त नाक-कान मफलर अथवा गमछे से ढककर बाहर निकलने की सलाह दी गई।
रमापुर पीएचसी में डॉक्टर का पद रिक्त होने के कारण वहां फार्मासिस्ट संजीव कुमार ने 61 मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक दवाएं दीं। साथ ही इनमें से 11 मरीजों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए। फार्मासिस्ट के अनुसार कमजोरी और बदन दर्द की शिकायत करने वाले ज्यादातर मरीज जांच में वायरल बुखार से ग्रस्त पाए गए। उन्हाेंने खांसी की शिकायत लेकर पहुंचे मरीजों को दवाएं देने के साथ गर्म पानी पीने की सलाह दी। कुंवरगंज पीएचसी के प्रभारी डॉ. अनुराग गुप्ता ने मेले में आए 48 मरीजों का उपचार किया और 14 मरीजों की जांच कराई। डॉक्टर के अनुसार बदलते मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से वायरल संक्रमण बढ़ रहा है। उनका कहना है कि इससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है, लेकिन आरोग्य मेले में मरीज बढ़ने से यह भी जाहिर हो रहा है कि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।
उधर, खुदागंज क्षेत्र के हसनापुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में विभिन्न बीमारियों के 22 मरीज पहुंचे। इनमें बुखार के छह, दाद-खुजली आदि चर्म रोग के छह और खांसी और दमा से ग्रस्त दस मरीज शामिल रहे। इन सभी को पीएचसी के प्रभारी डॉ. फहीम खां ने आवश्यक दवाएं सुलभ कराईं। व्यवस्था में फार्मासिस्ट कन्हैयालाल, एलटी योगेंद्र पाल, वार्ड ब्वॉय बिशन दयाल आदि का सहयोग रहा।