शाहजहांपुर। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग से महानगर को जोड़ने वाले अटसलिया रेलवे क्रॉसिंग से लेकर जीआईसी तिराहा तक 3.95 किमी रोड का चौड़ीकरण होना है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 21.95 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत किया है। लॉकडाउन से पहले जनवरी में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मार्ग का भूमि पूजन कर काम शुरू कराया जो आगे बढ़ न सका। हालत यह है कि जीआईसी से अटसलिया मार्ग के फुटपाथ की खुदाई कर छोड़ने से आए दिन जाम लग रहा है। इससे लोग परेशान है। शिकायत के बाद भी उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
लोक निर्माण विभाग ने गाजियाबाद की मेसर्स मायाशील कांस्ट्रक्शन को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस रोड का निर्माण 30 जून तक पूरा होना था। लॉकडाउन से पहले तीन महीने तक काम नहीं किया गया। अब जब हालत सामान्य होने लगे हैं तो भी काम शुरू नहीं हो सका। इधर, फुटपाथ खुदे होने के कारण गुजरने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। अक्सर वाहन फंसने से जाम लग जाता है। अब रोड किनारे खड़े पेड़ काटे जा रहे हैं। मगर 33 केवी और 11 केवी लाइनों के पोल हटे बगैर रोड का निर्माण शुरू होना मुश्किल है। बिजली के पोल हटने और रोड का निर्माण कब शुरू होगा कुछ पता नहीं।
लोधीपुर से दिखने लगी रोड की दुर्दशा
इस मार्ग पर जीआईसी तिराहा से खन्नौत पुल के आगे बढ़ते ही लोधीपुर से उजाड़ फुटपाथ, अतिक्रमण हटाने के दौरान काटे गए मकान और रोड की दुर्दशा नजर आने लगी। दादा मियां की मजार के आगे नेव टेक्निकल इंस्टीट्यूट गेट के पास और सिटी पार्क कॉलोनी के बजरी-कोलतार उखड़ जाने से सड़क का लोप हो गया और वहां गड्ढे बन गए हैं। आगे हथौड़ा चौराहा तक डबल लेन रोड ठीक मिली, लेकिन फुटपाथ नहीं होने से सड़क पर दुपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल राहगीरों का चलना कठिन हो रहा है।
क्रॉसिंग के पास पत्थरों के ढेर से घिरे फुटपाथ
अटसलिया रेलवे क्रासिंग से हथौड़ा की ओर चलने पर गांव से पहले मॉडल टाउन तक खोदे गए फुटपाथ पर दोनों ओर पत्थर गिट्टी और मिट्टी के ढेर लगाकर ठेकेदार के कारिंदों ने आसपास के लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि रोड जल्दी बनने वाला है, लेकिन क्षेत्रवासी बताते हैं कि निर्माण सामग्री करीब एक माह पहले डाली जा चुकी है, लेकिन तब से मौके पर कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी नहीं आया। क्रॉसिंग के पास रोड का तल ऊंचा होने के कारण खोदे गए फुटपाथ दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। वहां पर रोड से फुटपाथ की गहराई डेढ़-दो फुट तक होने से अक्सर सामने से आने वाले वाहनों से बचने के लिए विपरीत दिशा के वाहन नीचे उतरते ही खड्ड में पलट जाते हैं।
संचारी रोग नियंत्रण को लग रहा पलीता
अटसलिया क्रॉसिंग से मॉडल टाउन कॉलोनी तक दोनों ओर फुटपाथों पर बजरी और गिट्टी की एक परत बिछाई जा चुकी है, लेकिन कॉलोनी के गेट से लेकर दुर्गा इन्क्लेव होते हुए हथौड़ा गांव तक सड़क के दोनों किनारों का फुटपाथ बारिश में हुए जलभराव के कारण झाड़ियों से घिर चुके हैं। महानगर में डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर आदि मच्छरजनित रोगों की रोकथाम को संचारी रोग नियंत्रण माह मनाकर सरकारी तंत्र जन सामान्य को घरों के आसपास पानी नहीं ठहरने की प्रेरणा दे रहा है, लेकिन हथौड़ा गांव में रोड के किनारे रहने वालों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। मॉडल टाउन गेट के पास से लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा तक दोनों फुटपाथों पर जमा पानी पर काई पड़ चुकी है। फुटपाथों को तमाम लोगों ने कूड़ा डालकर पाटना शुरू कर दिया है।
नाला निर्माण में नगर निगम की ढिलाई
इस मार्ग पर अपवाद के तौर पर केवल लोधीपुर मेें खन्नौत पुल के आगे रोड की बाईं पटरी पर नाला निर्माण होता मिला, लेकिन इस काम मेें नगर निगम प्रशासन की ढिलाई उजागर हो रही है। एनटीआई के पास से खन्नौत तक बमुश्किल 500 मीटर लंबा नाला बीते मार्च में बनना शुरू हुआ था। लॉकडाउन में निर्माण कार्य कुछ दिन को ठहरा, लेकिन 20 अप्रैल से डीएम की अनुमति से फिर यह काम शुरू कर दिया, लेकिन मजदूर आज भी उन्हीं ठिकानों पर जुटे मिले, जहां दस दिन पहले काम कर रहे थे। लोगों का मानना है कि जब तक नाला निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक एनटीआई से लेकर खन्नौत पुल तक रोड चौड़ी नहीं हो सकेगी।
जन सामान्य की बात
एक हफ्ता पहले कुछ अधिकारी आए और मौका मुआयना कर चले गए। फुटपाथ खोद दिए जाने से दुकान के आगे अपने खर्च से मिट्टी का भराव कराना पड़ा। आए दिन लोग फुटपाथों पर गिर रहे हैं।
- दीपक श्रीवास्तव, हथौड़ा बुजुर्ग
फुटपाथ पर गड्ढे बन जाने से उनमें भरे पानी से मच्छर पनप रहे हैं और भीषण सड़ांध पैदा हो रही है। मिट्टी के ढेर हवा में धूल उड़ा रहे हैं। पानी भरे गड्ढों दुर्घटनाएं हो रही हैं और बीमारियां हो रही हैं।
- आदिल कुरैशी, लोधीपुर
हमारी दुकान रोड के बिल्कुल किनारे है। इसलिए सड़क पर वाहन गुजरते समय सारी धूल दुकान के अंदर आ रही है। सड़क अभी बनानी नहीं थी तो फुटपाथ खोदकर डालने की क्या जरूरत थी।
- मोहम्मद सिराज, हथौड़ा बुजुर्ग
रोड के किनारे मकान इसलिए बनाया कि आगे सुविधा मिलेगी, लेकिन पिछले दो साल से सड़क का कोई पुरसाहाल नहीं लिया जा रहा। फुटपाथों की धूल घर के अंदर तक पहुंच रही है, लेकिन अपना दर्द किससे कहें।
- रतन स्वरूप सक्सेना, हथौड़ा बुजुर्ग
फोरलेन निर्माण में आड़े आ रहे पेड़ भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद तेजी से हटाए जा रहे हैं। अब बजट की कोई समस्या नहीं है। इस मार्ग से करीब 100 पेड़ हटने के बाद बिजली लाइनों के 140 पोल भी दोनों साइडों में पीछे की ओर शिफ्ट किए जाएंगे। इस काम के लिए पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों से सहमति मिल गई और पोल हटाने का काम भी लोनिवि के स्तर से जल्द कराया जाएगा।
- ओपी वर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड)