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बरेली और संभल के अधिकारियों को कृषि विभाग ने किया सतर्क

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शाहजहांपुर। महाराष्ट्र की कंपनी के गौरी ब्रांड धान बीज से बालियों में दाना नहीं पड़ने के मामले में कृषि विभाग ने डीएम के निर्देश पर बरेली और संभल के कृषि अधिकारियों को भी घटिया बीज विक्रेताओं से सतर्क कर दिया है। इस बारे मेें संबंधित अधिकारियों से पत्राचार कर उन्हें बीज विक्रेताओं केे कारोबार और स्टॉक पर पैनी निगाह रखने का सुझाव दिया गया है।
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मीरानपुर कटरा क्षेत्र के गांव रमापुर उत्तरी, जैतीपुर क्षेत्र के गांव करकौर और गढ़िया रंगीन क्षेत्र के किसानों ने गत सप्ताह जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक को डीएम के नाम लिखित प्रतिवेदन देकर शिकायत की थी कि उन्होंने बरेली और संभल के चंदौसी स्थित बीज विक्रेताओं से गौरी ब्रांड बीज खरीदा था। दुकानदारों ने आश्वासन दिया था कि इस बीज से प्रति बीघा दो से तीन क्विंटल अधिक उपज मिलेगी, लेकिन बालियां आने के बाद उनमें दाना नहीं पड़ रहा है। कृषि विभाग की टीमों ने सभी शिकायतें स्थलीय जांच मेें सही पाईं। जांच मेें 1070 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल चौपट पाए जाने जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने गत 23 सितंबर को थाना सदर बाजार कोतवाली में नांदेड़ (महाराष्ट्र) की बीज निर्माता कंपनी कीर्तिमान एग्रोजेनेटिक्स लिमिटेड और उसके सात सदस्यीय निदेशक मंडल समेत सात अन्य बीज विक्रेताओं के खिलाफ बीज अधिनियम की विभिन्न धाराओं समेत आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। नामजद किए गए विक्रेताओं मेें जनपद के तीन दुकानदारों समेत बरेली स्थित जय दुर्गा बीज भंडार के संचालक पुष्पेंद्र माहेश्वरी, वहीं के मेसर्स सुनील पाठक बीज भंडार के सुनील पाठक, फरीदपुर (बरेली) स्थित सुनील कुमार बीज भंडार के सुनील अग्रवाल और चंदौसी (संभल) स्थित बालाजी ट्रेडर्स के मयंक अग्रवाल शामिल हैं।
शनिवार को जिले के तीनों बीज विक्रताओं (किसान कृषि रक्षा केंद्र गढ़िया रंगीन के नत्थू लाल गुप्ता, वहीं स्थित जय मां बीज भंडार के अमित कुमार और जैतीपुर स्थित कश्यप एग्रो एजेंसी के संचालक विजय कुमार) के बिक्री लाइसेंस निलंबित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अन्य जनपदों के किसान घटिया बीज के जाल में फंसने नहीं पाएं, इसके लिए डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने बरेली और संभल के कृषि अधिकारियों से पत्राचार कर उन्हें सचेत कर दिया है। सूत्रों के अनुसार संबंधित जनपदों के कृषि अधिकारियों को ऐसी कार्रवाई का सुझाव दिया है कि विक्रेताओं के स्टॉक मेें शेष बचा गौरी ब्रांड का घटिया बीज जब्त हो सके।
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महाराष्ट्र पहुंचीं पुलिस की जांच टीमें
घटिया धान बीज की बिक्री के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कंपनी के निदेशकों की तलाश में पुलिस की विशेष जांच टीमें रविवार को दोपहर बाद महाराष्ट्र पहुंच गई हैं। सूत्रों के अनुसार बीज निर्माता कंपनी के निदेशकों की सत्ता में बैठे लोगों तक पहुंच का सुराग लगने के कारण पुलिस की अधिकारिक जांच टीम ने कोई कार्रवाई करने से पहले महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों से भी संपर्क बना लिया है। कृषि विभाग के सूत्रों का कहना है कि पुलिस की दूसरी टीम गोपनीय तौर पर महाराष्ट्र गई है। ऐसा इसलिए किया गया कि अधिकारिक टीम कोरोना संकट को देखते क्वारंटीन किए जाने की दशा में दूसरी टीम सुरागरसी के काम में सक्रिय बनी रहे। इस बारे में जिला कृषि अधिकारी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल कॉल रिसीव नहीं की।
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