शाहजहांपुर। सोशल मीडिया पर नकली जिंक और रासायनिक खादें बनाए जाने की सूचना पर जिला कृषि अधिकारी रविवार को दोपहर पुलिस लेकर हथौड़ा-रेती रोड पर स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के चैप्टर चेयरमैन अभिनव ओमर के गोदाम पर जा पहुंचे। हालांकि, जांच करने पर पता चला कि किराए पर दिए गए इस गोदाम में उद्योगपति हरगोविंद मोदी ने खेतों में मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में इस्तेमाल होने वाले स्वॉयल कंडीशनर (मृदा उपचारक) का संयंत्र लगा रखा है और तैयार माल एक चीनी मिल को अनुबंध के आधार पर सप्लाई किया जा रहा है। जांच मेें सूचना गलत पाए जाने पर अधिकारी कोई कार्रवाई किए बगैर गोदाम से लौट आए।
रेती निवासी एक युवक ने अपने फेसबुक एकाउंट पर पोस्ट डाली थी कि हथौड़ा-रेती रोड के एक गोदाम मेें खेतों में डाली जाने वाली नकली जिंक और खाद बनाई जा रही है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने गंभीरता से लेते हुए पुलिस को साथ लेकर बताए गए गोदाम पर छापा मारा। वहां मौजूद मिले कर्मचारियों से पता चला कि गोदाम आईआईए के अध्यक्ष का हैं और उन्होंने उसे उद्यमी हरगोविंद मोदी को स्वॉयल कंडीशनर बनाने को लीज पर दिया है। कृषि अधिकारी को वहां स्वॉयल मिक्सचर प्लांट और कच्चे माल के तौर पर चीनी मिल की फ्लाई एश (राख) का ढेर लगा मिला।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि फेसबुक पर दी गई सूचना के आधार पर गोदाम की जांच की गई, लेकिन वहां ऐसी कोई गतिविधि होते नहीं पाई गई, जिसके आधार पर कोई कार्रवाई की जाए। डॉ. पाठक के अनुसार चीनी मिलें अनुबंध के आधार पर चिमनी से निकलने वाली फ्लाई एश से स्वॉयल कंडीशनर तैयार कराती हैं और यह उत्पाद फर्टिलाइजर कंट्रोल आर्डर (एफपीओ एक्ट) के दायरे में नहीं आने से इसे तैयार करने के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती। गोदाम स्वामी ओमर के अनुसार उन्होंने उद्यमी मोदी को स्वॉयल कंडीशनर बनाने के लिए गोदाम लीज पर दिया है और वहां यही काम हो रहा है।
फ्लाई एश और पोटाश से स्वॉयल कंडीशनर बनाने के लिए मेरा अजबापुर (लखीमपुर खीरी) स्थित डीसीएम चीनी मिल से अनुबंध है और इसके लिए चीनी मिल से फ्लाई एश मिलती है। तैयार उत्पाद भी सीधे चीनी मिल को आपूर्ति किया जाता है और मिल प्रबंधन के अधिकारी उसका किसानों में वितरण कराते हैं। यह उत्पाद बनाने के लिए किराए पर गोदाम लेकर वहां स्वॉयल मिक्सिंग प्लांट लगा रखा है। कुछ लोग अधिकारियों को गलत सूचनाएं देकर केवल भ्रमित कर रहे हैं, जबकि सूचना देने वाले से मेरा कोई परिचय नहीं है।
-हरगोविंद मोदी, उद्योगपति