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न गले मिलें और न ही हाथ मिलाएं, दूर रहकर दें मुबारकबाद

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शाहजहांपुर में ईद के चांद का दीदार करते लोग। - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कोराना संक्रमण के चलते मुस्लिम समाज के धर्मगुरुओं ने कहा है कि लोग ईद सादगी से मनाएं। ईद पर न गले मिलें और न हाथ मिलाएं, केवल दूर से मुबारकबाद दें। गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करें। सभी लोग शासन और प्रशासन के निर्देशों का पालन कर समाज को कोरोना महामारी से बचाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि ईद पर किसी भी मस्जिद और ईदगाह में सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी, बल्कि सभी लोग घरों में परिवार के नमाज पढ़ेंगे।
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ईदगाहों मेें सुबह 7.15 बजे सादगी से होगी नमाज
बड़ी ईदगाह पर ईद की नमाज सुबह 7.15 बजे होगी। छोटी ईदगाह और सभी मस्जिदों में 7.30 बजे ईद की नमाज पढ़ने का वक्त मुकर्रर किया गया है। इसी दौरान मस्जिदों में भी रस्मी तौर पर नमाज अदा होगी। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने बताया कि किसी भी जगह सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।
मुस्लिम धर्मगुरुओं की लोगों से अपील
नमाज पढ़ने के लिए लोग ईदगाह और मस्जिदों की ओर रुख न करें, बल्कि घर पर ही नमाज पढ़ें और ईद सादगी से मनाएं। अड़ोस पड़ोस के ऐसे लोगों की मदद करें जो कोरोना महामारी से पीड़ित हैं। उनकी खुशियों और दुखों में साथ निभाएं और आपसी सहयोग बनाए रखें।
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-हुजूर अहमद मंजरी, पेश इमाम, जामा मस्जिद
कोरोना संक्रमण से बचाव को सामाजिक दूरी बनाए रखना बहुत अहम है। इसलिए लोग ईदगाहों और मस्जिदों में सामूहिक नमाज अदा करने के बजाय घर में रहकर ही नमाज पढ़ें और अल्लाह की इबादत करें। एक-दूसरे के घर आने जाने से बचें, ताकि गले मिलने और हाथ मिलाने से परहेज किया जा सके।
-सैयद मसूद हसन, शहर काजी
वक्त की नजाकत को देखते लोग ईद पर घरों में नमाज पढ़कर खुद सुरक्षित रहें और इस तरह दूसरों की भी हिफाजत करें। अल्लाह ताला की सच्ची इबादत यही होगी कि सादगी के साथ ईद मनाएं और आसपास के गरीब गुरबों का ध्यान रखते हुए उनकी हर संभव मदद करें। इस मौके पर न तो किसी से गले मिलें और न हाथ मिलाएं। - सचिव कासिम रजा, सचिव, ईदगाह प्रबंध समिति
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