- योगी कैबिनेट में सुरेश खन्ना की झोली में आए संसदीय कार्य, नगर विकास और शहरी समग्र विकास विभाग
- रिंग रोड का काम पूरा होने से शहर को मिलेगी जाम से मुक्ति
- खुशी से झूमे समर्थक, मिठाई बांटकर जलाई आतिशबाजी
- कल्याण सिंह मंत्रालय में पहली बार नगर विकास राज्यमंत्री बने थे खन्ना
शहर सीट से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लगातार आठवीं बार विधायक बने सुरेश कुमार खन्ना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन मंत्रालयों का दायित्व सौंपते हुए जिले की जनता को तोहफा दिया है। खन्ना को संसदीय कार्य, नगर विकास और शहरी समग्र विकास विभाग सौंपे गए हैं। तीन-तीन विभागों की जिम्मेदारी मिलने पर हालांकि उनके सामने कई चुनौतियां भी सामने आएंगी, जिससे उन्हें निपटना होगा। यहां यह भी बताना जरूरी है कि चुनाव के दौरान खन्ना कहते थे कि अभी तक वह विपक्ष में ही बैठे हैं, इसलिए मनमाफिक विकास नहीं करा पाए। उनकी इच्छा है कि जो सुविधाएं मुख्यमंत्री के जनपद में हों, वहीं सुविधाएं शाहजहांपुर को भी मिलनी चाहिए। अब शहर की जनता को उम्मीद है कि रिंग रोड और सीवर लाइन का काम पूरा हो जाएगा।
विधायक खन्ना को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने से खुशी से झूम रहे समर्थक अभी जश्न से निपट भी नहीं पाए थे, कि बुधवार को विभाग बांटे जाने से एकबार कार्यकर्ता फिर चार्ज हो गए और उन्होंने आतिशबाजी जलाकर और मिठाई बांटनी शुरू कर दी। तीन-तीन मंत्रालय मिलने से हालांकि खन्ना के ऊपर बड़ी जिम्मेदारियां आ जाना स्वाभाविक है, लेकिन आम जनता कोेेेे उम्मीद जाग गई है कि अब विकास के माध्यम से उन्हें अच्छे दिन जरूर देखने को मिलेंगे।
शहरवासियों को उम्मीद जाग गई है कि अब रिंग रोड और सीवर लाइन का काम भी जरूर पूरा होगा। रिंग रोड बनने से शहर में दिनभर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली की समस्या भी दूर हो जाएगी। अब देखना यह है कि कैबिनेट मंत्री खन्ना आमजन की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाते हैं।
यहां बता दें कि वर्ष 1991 में ग्यारवीं विधानसभा चुनाव में जब सुरेश खन्ना दूसरी बार विधायक बने थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने उन्हें नगर विकास विभाग में राज्यमंत्री बनाकर उनकी योग्यता पर मुहर लगाई थी। यह एक संयोग ही है कि जिस विभाग के वह पहली बार राज्यमंत्री बने थे, उसी विभाग के वह मुखिया बनाए गए हैं।
पहले तीन बार रह चुके हैं राज्यमंत्री
सुरेश कुमार खन्ना ग्यारहवीं विधानसभा में जब दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए, तब भी उन्हें नगर विकास विभाग का राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 1997 में आवास राज्यमंत्री रहे। 1999 से 2002 तक नियोजन, अर्थ, संख्या विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बने। तब मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह थे। इसी क्रम में वर्ष 2002 में ही मायावती मंत्रिमंडल में उनको पर्यटन विभाग का स्वतंत्र प्रभार (राज्यमंत्री) सौंपा गया। खन्ना को कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और मायावती के नेतृत्व (मुख्यमंत्रित्व काल) में काम करने का अवसर मिल चुका है।
कैबिनेट मंत्री बन शुक्रवार को शहर आएंगे खन्ना
पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पाल यादव ने बताया कि कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना 24 मार्च को सड़क मार्ग से शहर पहुंचेंगे। वह दोपहर 12 बजे लखनऊ से चलेंगे, उनका स्वागत सेहरामऊ दक्षिणी बार्डर पर किया जाएगा। वहां से जुलूस के रूप में वह दलेलगंज, केरूगंज, चारखंभा, चौक, मालखाना मोड़, घंटाघर, बहादुरगंज, सदर बाजार, कचहरी, जेल रोड, अंटा चौराहा होते हुए हनुमतधाम पहुंचेंगे। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया है कि वह शुक्रवार को अपरान्ह दो बजे सेहरामऊ दक्षिणी बार्डर पर पहुंचकर कैबिनेट मंत्री खन्ना का स्वागत करें।