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चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण: भाजपा नेता को छोड़ा, लैपटॉप सील

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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी ने दो दिन पूछताछ के बाद भाजपा नेता को छोड़ दिया। हालांकि उनका लैपटॉप और पैन ड्राइव सील करके फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेता से पूछताछ के दौरान राजस्थान के दौसा जाने का कारण पूछा गया। एसआईटी के निशाने पर कुछ और लोग हैं, जिनसे पूछताछ की जा सकती है।
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हाईकोर्ट में आठ नवंबर को चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर बहस होनी है। इससे पहले एसआईटी इस मामले से जुड़े सभी सबूत जुटाने की कोशिश में है। शनिवार को बरेली मोड़ और मुमुक्षु आश्रम के पास नाले में छात्रा का चश्मा और उसमें लगाया गया कैमरा तलाशा गया, जिससे चिन्मयानंद का अश्लील वीडियो बनाया गया था। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को एसआईटी ने कचहरी रोड पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास रहने वाले भाजपा के एक बड़े नेता को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ के दौरान शनिवार रात कोतवाली पुलिस भाजपा नेता के घर गई थी। घर से भाजपा नेता का लैनटॉप और पेन ड्राइव कब्जे में लिया था। दो दिन पूछताछ करने के बाद रविवार सुबह भाजपा नेता को घर भेज दिया गया। मगर उनका लैपटॉप और पेन ड्राइव नहीं लौटाया गया। एसआईटी को आशंका है कि भाजपा नेता के लैपटॉप व पेन ड्राइव में चिन्मयानंद प्रकरण से जुड़े कुछ सबूत मिल सकते हैं। इसलिए दोनों चीजों सील करके फोरेंसिक लैब भेज दी गई हैं।
एसएस लॉ कॉलेज की छात्रा और उसके तीनों दोस्तों को राजस्थान के दौसा जिले में गिरफ्तार किया गया था। उस दिन भाजपा नेता की लोकेशन भी राजस्थान के दौसा में मिली थी। दौसा में भाजपा नेता एक होटल में ठहरे थे। सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान एसआईटी ने भाजपा नेता से जानना चाहा कि वह खुद राजस्थान गए थे या उन्हें किसी ने भेजा था। वह खुद गए तो उनका वहां काम क्या था। किसी ने भेजा तो क्यों और किसने भेजा था। भेजने वाले का नाम क्या था। भाजपा नेता ने अपने बयानों में छात्रा की मदद करने के लिए जाने की बात कही है। हालांकि एसआईटी अभी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। उनसे पूछताछ के दौरान भाजपा के कुछ अन्य नेताओं और चिन्मयानंद से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनसे एसआईटी पूछताछ करेगी। फिलहाल एसआईटी को छात्रा का चश्मा और कैमरा चाहिए, जिसके लिए लोगों की धरपकड़ जारी है।
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दरअसल चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण सबसे पहले सोशल मीडिया पर सामने आया था। एसआईटी को शक है कि सोशल मीडिया को वीडियो भाजपा नेता ने उपलब्ध कराया होगा। पूछताछ के दौरान भाजपा नेता से इसकी जानकारी भी ली गई।
रौसर कोठी में रहने वाला भाजपा नेता की बढ़ सकती है मुश्किलें
चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोप विक्रम का करीबी रिश्तेदार और भाजपा नेता का घर रौसर कोठी में है। छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन और विक्रम के दौसा में पकड़े जाने के समय रौसर कोठी निवासी भाजपा नेता भी राजस्थान के दौसा में मौजूद थे। उन पर एसआईटी की पूरी नजर है। रविवार को वह खुद को बचाने के लिए भाजपा के कई बड़े नेताओं के पास चक्कर काटते रहे।
एक पूर्व विधायक से हो सकती है पूछताछ
गिरफ्तारी से पहले राजस्थान में कार के अंदर सफर के दौरान छात्रा और उसके दोस्तों ने अपना वीडियो बनाया था। इसी वीडियो के जरिए चिन्मयानंद से फिरौती मांगी गई थी। पूर्व विधायक ने छात्रा और उसके दोस्तों का वीडियो एक अधिवक्ता से भाजपा नेता बनकर लिया था। भाजपा नेता से पूछताछ के दौरान इसकी जानकारी एसआईटी को मिली है। एसआईटी पूर्व विधायक से पूछताछ करने के मूड में है।
एसआईटी ने पुलिस और निगम कर्मियों के दर्ज किए बयान
शाहजहांपुर। एसआईटी ने शनिवार को बरेली मोड़ और मुमुक्षु आश्रम के बीच नाले में चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण से जुड़े सुबूत तलाश किए थे। यह सर्च अभियान करीब छह घंटे चला था। एसआईटी को खास तौर पर छात्रा के उस चश्मे की तलाश है, जिसमें कैमरा लगाकर मालिश के दौरान चिन्मयानंद का अश्लील वीडियो बनाया गया था।
एसआईटी ने शुक्रवार को कॉलेज के स्टाफ और छात्रा के माता-पिता से कड़ाई से पूछताछ की थी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान कैमरे वाला चश्मा और कई अहम दस्तावेज नाले में फेंके जाने की बात निकलकर सामने आई थी। शनिवार को एसआईटी ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों के सहयोग से सबूतों की तलाश में नाला खंगाला था। इस दौरान नाले में छात्रा का हैंड बैग, कॉलेज का आई कार्ड, टॉप, एक छोटा बक्सा और कई दस्तावेज मिले, जिन्हें एसआईटी ने अपने कब्जे में ले लिया है। छात्रा के हैंड बैग और टॉप को आरोपी संजय की एक महिला रिश्तेदार ने पहचाना, जो वहीं पड़ोस में रहती हैं।
रविवार को एसआईटी ने उन सभी पुलिस कर्मियों और नगर निगम कर्मियों को अपने कार्यालय बुलाया। जहां एक-एक करके सभी के बयान दर्ज किए गए। इनमें कई दरोगा शामिल हैं। उनके बयानों में विशेष तौर पर नाले में मिली चीजों के बारे में पूछताछ करके दर्ज की गईं। सूत्रों के मुताबिक उनके बयान हाईकोर्ट में पेश किए जाएंगे।
 
छात्रा के माता-पिता ने डाला प्रयाग में डेरा
हाईकोर्ट में छह नवंबर को छात्रा की जमानत अर्जी पर बहस हो सकती है। इसके दो दिन बाद हाईकोर्ट में ही चिन्मयानंद की जमानत अर्जी पर बहस होगी। इसलिए छात्रा के माता-पिता प्रयाग में डेरा जमाए हैं। वहां वह छात्रा की जमानत कराने और चिन्मयानद की जमानत अर्जी पर वकीलों से राय ले रहे हैं।
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